नागपुर जबरन धर्मांतरण व दुष्कर्म मामला: अयाज व आमिर शेख की बढ़ी मुश्किलें; पुलिस कस्टडी में भेजे गए आरोपी
Nagpur Rape Case:नागपुर के कथित धर्मांतरण और दुष्कर्म मामले में दो आरोपियों की पुलिस कस्टडी 21 जून तक बढ़ा दी गई है। पुलिस डिजिटल सबूत, बैंक लेनदेन और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की पड़ताल कर रही है।
- Written By: अंकिता पटेल
नागपुर, फॉरेंसिक जांच,प्रतीकात्मक तस्वीर(सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Forced Conversion Case: नागपुर कथित तौर पर विवाहिता के जबरन धर्मांतरण और दुष्कर्म के मामले में पकड़े गए आरोपी कलमेश्वर निवासी अयाज ताज मदारे (26) और आमिर मेहमूद शेख (30) की बुधवार को पुलिस कस्टडी खत्म हुई। पुलिस ने न्यायालय से प्रकरण की जांच के लिए और समय मांगा। पुलिस द्वारा कोर्ट को बताया गया कि जब्त किए गए सबूतों की फॉरेंसिक जांच जारी है। इसके बाद ही आरोपियों ने आगे की पूछताछ हो पाएगी। न्यायालय ने दोनों आरोपियों की पुलिस कस्टडी 21 जून तक बढ़ा दी है।
अश्लील वीडियो प्रसार की पड़ताल जारी
ज्ञात हो कि पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म, फिरौती वसूली और जादू-टोना प्रतिबंधक अधिनियम सहित विविध धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। बुधवार को इंस्पेक्टर राहुल तसरे ने दोनों आरोपियों को विशेष न्यायालय में पेश किया। पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपियों के सिमकार्ड, सोशल मीडया अकाउंट और ईमेल आईडी सहित अन्य डिजिटल साधनों का फोरेंसिक विश्लेषण किया जा रहा है। इससे मिलने वाले जानकारी के आधार पर आरोपियों से आगे की पूछताछ की जाएगी। आरोपियों ने पीड़िता का अश्लील वीडियो किन-किन लोगों को भेजा है इसकी जांच करनी है।
धमकी, उगाही और नशीले पदार्थ की जांच तेज
आरोपी अयाज ने पीड़िता को धमकाकर नकद और ऑनलाइन यूपीआई पेमेंट के जरिए रकम ली है। बैंक से संबंधित लेन-देन के बारे में जानकारी मांगी गई है। अयाज ने पीड़िता को मूच्छित करने के लिए जो नशीला पदार्थ दिया था, वह क्या था और कहां से लाया गया था, इसकी जांच करनी है। पुलिस ने अयाज के घर से एक पदार्थ की बोतल भी जब्त की है। उसका भी रासायनिक विश्लेषण किया जा रहा है।
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बचाव पक्ष के अधिवक्ता लुबेश मेश्राम और सौरभ सिंघा ने न्यायालय को बताया कि दोनों आरोपी को झूठे मामले में फंसाया गया है। अब तक हुई जांच में कोई ठोस सबूत पुलिस के हाथ नहीं लगा है। पुलिस पहले ही आरोपियों की कस्टडी ले चुकी है। ऐसे में उन्हें दोबारा कस्टडी में रखने का कोई ठोस कारण नहीं है। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों के बाद आरोपियों को पुलिस रिमांड में भेज दिया।
मौलाना ने किया सरेंडर
वहीं जबरन धर्मांतरण और निकाह पढ़वाने वाला तामिया, छिंदवाड़ा का मौलाना मेहमूद की तलाश में एक टीम तामिया में जाल बिछाए हुए थी। मौलाना से जुड़े लोगों का कहना था कि उसका इस पूर प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है लेकिन मौलाना का गिरफ्तारी से बचना लगभग नामुमकिन ही था। ऐसे में पुलिस के बढ़ते दबाव में मौलाना ने बुधवार को सोनेगाव पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया। गुरुवार को पुलिस मौलाना को न्यायालय में पेश कर पुलिस हिरासत की मांग करेगी।
