अमरावती विधान परिषद चुनाव आज, भाजपा मजबूत तो कांग्रेस के सामने प्रतिष्ठा बचाने की चुनौती
Amravati MLC Election: अमरावती विधान परिषद चुनाव के लिए आज मतदान हो रहा है। महायुति के भारी संख्याबल और प्रत्याशी की खराब तबीयत के कारण कांग्रेस की राह बेहद कठिन मानी जा रही है।
- Written By: केतकी मोडक
हर्षजीत देशमुख और प्रवीण पोटे (सोर्स - सोशल मीडिया)
Amravati MLC Election Polling Stations: अमरावती स्वायत्त संस्था निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद चुनाव के लिए 18 जून को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। प्रशासन ने मतदान की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। चुनाव मैदान में भाजपा के पूर्व पालकमंत्री प्रवीण पोटे, कांग्रेस के हर्षजीत देशमुख और वंचित बहुजन आघाड़ी के नीलेश विश्वकर्मा प्रमुख उम्मीदवार हैं।
7 मतदान केंद्र बनाए गए
उल्लेखनीय है कि चुनाव में निर्वाचन क्षेत्र में कुल 451 मतदाता हैं, जिनमें 226 महिला और 225 पुरुष जनप्रतिनिधि शामिल हैं। जिले में कुल 7 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। धारणी में 42, अचलपुर में 69, मोर्शी में 81, दर्यापुर में 60, तिवसा-भातकुली में 38, अमरावती में 95 तथा चांदूर रेलवे केंद्र पर 66 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
मतदान प्रक्रिया के लिए 42 अधिकारी-कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है, जबकि सभी केंद्रों पर कड़ा पुलिस बंदोबस्त तैनात रहेगा। प्रशासन ने मतदान केंद्रों के 200 मीटर क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक आदेश लागू किए हैं। केंद्र के भीतर मोबाइल फोन एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
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महायुति की मजबूत स्थिति
भाजपा और उसके सहयोगी दलों वाली महायुति के पास पर्याप्त संख्याबल मौजूद है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के पास भी मुकाबला करने योग्य संख्या थी, लेकिन संगठनात्मक स्तर पर एकजुटता की कमी के कारण वह इस और उसके सहयोगी दलों वाली महायुति के पास पर्याप्त संख्याबल मौजूद है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस के पास भी मुकाबला करने योग्य संख्या थी, लेकिन संगठनात्मक स्तर पर एकजुटता की कमी के कारण वह इस स्थापित किया। यही वजह है कि चुनाव से पहले ही उन्हें मजबूत स्थिति में माना जा रहा है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का भी मानना है कि पोटे की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक पकड़ उनके पक्ष में जाती दिखाई दे रही है।
22 को नियोजन भवन में होगी मतगणना
प्रशासन ने बारिश की संभावना को देखते हुए मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था भी की गई है। मतदान समाप्त होने के बाद सभी मतपेटियां कड़ी सुरक्षा के बीच नियोजन भवन स्थित स्ट्रॉन्ग रूम में रखी जाएंगी। मतगणना 22 जून को नियोजन भवन में होगी, जिसके बाद परिणाम घोषित किए जाएंगे। यहां तगड़ा बंदोबस्त किया गया है।
प्रत्याशी की तबीयत बिगड़ने से बढ़ी चर्चा
चुनाव से लगभग आठ दिन पहले कांग्रेस प्रत्याशी हर्षजीत देशमुख की तबीयत खराब होने की खबर ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दिया। इसके बाद पार्टी नेताओं के अलग-अलग बयानों ने स्थिति को और उलझा दिया। इस घटनाक्रम के कारण चुनावी अभियान भी प्रभावित हुआ और विपक्ष को कांग्रेस की तैयारियों पर सवाल उठाने का अवसर मिला।
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153 मतों पर टिकी कांग्रेस की प्रतिष्ठा
इस निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के पास लगभग 153 मत माने जा रहे है। महाविकास आघाड़ी और कुछ निर्दलीय सदस्यों का समर्थन मिलने पर पार्टी की स्थिति और मजबूत हो सकती थी। दूसरी ओर भाजपा में भी कुछ स्तर पर नाराजगी की चर्चा रही, लेकिन कांग्रेस उस स्थिति का राजनीतिक लाभउठाने में सफल नहीं हो सकी। अब कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने सभी समर्थक मतदाताओं को एकजुट रखना है।
