Amravati District: अमरावती जिले के बार संचालकों ने राज्य सरकार द्वारा लाइसेंस शुल्क में भारी वृद्धि और नई दमनकारी शर्तों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. शराब कारोबारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे सामूहिक रूप से अपने लाइसेंस सरकार को सरेंडर जमा कर देंगे. इस घोषणा से आबकारी विभाग और मदिरा व्यवसाय में हड़कंप मच गया है. फोटो बार एसोसिएशन अमरावती जिला परमिट रूम एसोसिएशन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया.
एसोसिएशन के अध्यक्ष नितिन मोहोड ने बताया कि कोरोना काल के बाद से यह व्यवसाय अभी तक पूरी तरह उबर नहीं पाया है. ऐसे में सरकार ने लाइसेंस शुल्क में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है. अब एफ3 F3 लाइसेंस के लिए करीब 5.60 लाख रुपये चुकाने पड़ रहे हैं. शराब पर 10 वैट लगाने से ग्राहकों की संख्या कम हो रही है और व्यापार घाटे में जा रहा है.
ईमानदार व्यापारियों को नुकसान संचालकों ने आरोप लगाया कि एक ओर वैध व्यापारियों पर टैक्स का बोझ डाला जा रहा है, वहीं दूसरी ओर शहर और जिले में अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से जारी है. कई होटल बिना लाइसेंस के खुलेआम शराब परोस रहे हैं. कुछ जगहों पर अतिक्रमण कर अवैध अहाते चलाए जा रहे हैं. प्रशासन इन अवैध धंधों पर ठोस कार्रवाई करने में विफल रहा है, जिससे ईमानदारी से टैक्स भरने वाले व्यापारियों को नुकसान हो रहा है.
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री और राज्य उत्पाद शुल्क मंत्री से लाइसेंस फीस में की गई बढ़ोतरी को तत्काल वापस लेने, शराब पर लगने वाले 10 वैट को कम या पूरी तरह रद्द करने, जनसंख्या के आधार पर फीस तय करने के फैसले को बदलने, लाइसेंस शुल्क की संरचना को व्यापार के अनुकूल और व्यावहारिक बनाने की मांग ज्ञापन के जरिए की है. पूर्व में कई बार आंदोलन करने के बावजूद सरकार ने ध्यान नहीं दिया. अब उनके पास लाइसेंस सरेंडर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है.