Gondia News: विधायक राजकुमार बडोले ने विधानसभा के बजट सत्र में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए. उन्होंने खासतौर पर गोंदिया जिले में शिक्षकों की कमी और आरटीई कानून के पालन पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया. बडोले ने बताया कि गोंदिया जिले में शिक्षकों के 802 पद रिक्त हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की जिला परिषद स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. इन पदों की कमी को पूरा करने के लिए स्वयंसेवक शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है, लेकिन उन्हें बहुत कम मानधन मिलता है.
इससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है. उन्होंने राइट टू एज्यूकेशन एक्ट आरटीई के तहत मिलने वाले 25 प्रश. आरक्षण पर भी सवाल उठाए. इस कानून के अनुसार निजी स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गइडब्ल्यूएस और पिछड़े वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रश. सीटें आरक्षित करना अनिवार्य है. साथ ही अनुच्छेद 21ए के तहत शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है.
इसके बावजूद नए स्कूलों को मान्यता देते समय इस नियम का सही पालन नहीं हो रहा है. 25 प्रश. आरक्षण को लागू करें बडोले ने सरकार से मांग की कि सभी गैर अनुदानित स्कूलों में 25 प्रश. आरक्षण को सख्ती से लागू किया जाए और आरटीई कानून का उल्लंघन रोका जाए. इसके साथ ही उन्होंने गोंदिया जिले में रिक्त शिक्षक पदों को जल्द भरने और स्वयंसेवक शिक्षकों का मानधन बढ़ाने की भी मांग की.
उन्होंने कहा कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए. यदि समय रहते आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो शिक्षा क्षेत्र में असमानता और बढ़ सकती है.