Akola News: सिलेंडर की कमी से होटल व्यवसाय संकट में होटल बंद होने की नौबत, रोजगार पर मंडराया खतरा मौदा, सं.. शहर में गैस सिलेंडरों की कमी के चलते होटल और ढाबा व्यवसाय गंभीर संकट का सामना कर रहा है.
शहर में औद्योगिकीकरण के साथ होटल व ढाबों की संख्या बढ़ी है, जहां हजारों लोगों का रोजगार गैस सिलेंडर पर निर्भर है. वर्तमान में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने से होटल संचालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
इसका असर छोटे व्यवसायों जैसे चायनीज और नाश्ते के ठेलों पर भी पड़ रहा है, जिससे कई युवाओं का रोजगार संकट में है. स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई होटल संचालकों को अपने प्रतिष्ठान बंद करने की नौबत आ गई है, जबकि कुछ ने खर्च कम करने के लिए कर्मचारियों की संख्या घटा दी है.
अशोका होटल के प्रबंधक के अनुसार, सिलेंडर न मिलने के कारण अब उन्हें लकड़ी से खाना बनाना पड़ रहा है. लकड़ी की बढ़ती कीमतों के कारण भोजन के दाम भी बढ़ाने पड़े हैं.
एक ओर सरकार द्वारा सिलेंडर की कमी से इनकार किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आपूर्ति बाधित होने और घरेलू सिलेंडर की बुकिंग में दिक्कतों से स्थिति उलझी हुई है.
भंडारा से सिलेंडर की आपूर्ति, फिर भी ग्राहक प्रभावित मौदा तहसील में वैभव गैस एजेंसी, प्रेम नारायण इंडियन गैस, सुनील गैस एजेंसी और कनोजे गैस एजेंसी जैसी एजेंसियां होने के बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हो रहा है.
साथ ही तिवारी गैस एजेंसी व भंडारा से भी सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है, फिर भी ग्राहक प्रभावित हो रहे हैं.बुकिंग के बावूजद आपूर्ति में दिक्कतें सारंग अंजनकर ने बताया कि पिछले चार दिनों से एचपी गैस सिलेंडर की बुकिंग के बावजूद आपूर्ति में दिक्कतें आ रही हैं.
उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों द्वारा गलत आंकड़े पेश किए जा रहे हैं, जिससे एजेंसी संचालकों की परेशानी और बढ़ रही है.यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो होटल व्यवसाय पर निर्भर कई परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है.