Amravati News: किसानों की आवाज बने बच्चू कडू का अन्नत्याग आंदोलन जारी, रोहित पवार ने दिया समर्थन
राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक रोहित पवार ने बच्चू कडू के आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि सरकार को उनके सभी मुद्दों को गंभीरता से लेना चाहिए। बच्चू कडू सदैव उन लोगों की आवाज बनते हैं जो व्यवस्था में अनसुने रह जाते हैं।
- Written By: आंचल लोखंडे
किसानों की आवाज बने बच्चू कडू का अन्नत्याग आंदोलन जारी। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
अमरावती: किसानों की समस्याओं को लेकर प्रहार जनशक्ति पार्टी के संस्थापक और पूर्व विधायक बच्चू कडू द्वारा अमरावती जिले के गुरूकुंज मोझरी में शुरू किया गया अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल आंदोलन सोमवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। आंदोलन में भारी संख्या में किसान, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हो रहे हैं। कडू ने साफ कहा है कि जब तक उनकी सभी मांगे पूरी नहीं होतीं, तब तक वह आंदोलन नहीं रोकेंगे। आंदोलन स्थल पर राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज की समाधि के समीप सोमवार को डॉक्टरों की एक टीम ने बच्चू कडू की स्वास्थ्य जांच की। इस दौरान समर्थकों की भीड़ में उत्साह और चिंता दोनों देखी गई।
राष्ट्रवादी कांग्रेस के युवा विधायक रोहित पवार ने बच्चू कडू के आंदोलन को नैतिक समर्थन देते हुए कहा कि सरकार को उनके सभी मुद्दों को गंभीरता से लेना चाहिए। पवार ने कहा, “बच्चू कडू सदैव उन लोगों की आवाज बनते हैं जो व्यवस्था में अनसुने रह जाते हैं। उनकी मांगें जायज हैं और इनका हल निकलना चाहिए। यह वक्त वादे निभाने का है, न कि उन्हें टालने का।” उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि बच्चू कडू की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए समाधान जल्द निकाला जाए और कडू भी अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें।
आंदोलन स्थल पर जुटी भारी भीड़
गुरूकुंज मोझरी स्थित आंदोलन स्थल पर प्रहार जनशक्ति पार्टी के कार्यकर्ता, दिव्यांग नागरिक और किसान बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। राज्यभर से किसान नेता आंदोलन में भाग लेने आ सकते हैं, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है।
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प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
- किसानों के लिए संपूर्ण कर्जमाफी और सात-बारा दस्तावेज़ को पूर्णतः कर्जमुक्त किया जाए।
- खेत मजदूरों के लिए एक स्वतंत्र आर्थिक महामंडल की स्थापना।
- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत मजदूरी में उचित वृद्धि।
- खेत मजदूरों के आकस्मिक मृत्यु पर उन्हें बीमा कवच की सुविधा।
- खेती के हर चरण-बुआई से कटाई तक-को रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत शामिल किया जाए।
- यदि यह संभव न हो, तो तेलंगाना मॉडल के अनुसार प्रति एकड़ ₹10,000 की सीधी वित्तीय सहायता किसानों को दी जाए।
- जैविक और मेंढी खाद पर भी रासायनिक खाद की तरह अनुदान की व्यवस्था।
- दूध में मिलावट पर कठोर कार्रवाई, और गाय के दूध का न्यूनतम समर्थन मूल्य ₹50 तथा भैंस के दूध का ₹60 प्रति लीटर तय किया जाए।
- प्याज उत्पादकों को न्याय दिलाने हेतु, जब तक बाज़ार में ₹40 प्रति किलो का भाव न मिल जाए, तब तक निर्यात पर कोई रोक न लगाई जाए।
- दिव्यांगजनों को मानधन समय पर और नियमित रूप से दिया जाए।
