अमरावती में 19 जुलाई से शुरू होगा ‘विज्ञान दल’, छात्रों में विकसित होगी वैज्ञानिक सोच

Science Program for Students: अमरावती में 19 जुलाई से ‘विज्ञान दल’ कार्यक्रम की शुरुआत होगी। ज्ञान प्रबोधिनी, पुणे की इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित करना है।
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Student Science Workshop (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Amravati Vigyan Dal:  विज्ञान को केवल किताबों और परीक्षाओं तक सीमित न रखकर उसे जीवन से जोड़ने तथा विद्यार्थियों में हर बात के पीछे छिपे ‘क्यों’ को जानने की जिज्ञासा विकसित करने के उद्देश्य से शहर में 19 जुलाई से ‘विज्ञान दल’ की शुरुआत होने जा रही है। ज्ञान प्रबोधिनी, पुणे की पहल पर शुरू हो रहा यह एक वर्षीय कार्यक्रम कक्षा 7वीं से 10वीं तक के सभी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए खुला रहेगा।

आज के दौर में विद्यार्थियों के पास जानकारी की कोई कमी नहीं है, लेकिन जानकारी और वास्तविक सीखने के बीच की दूरी लगातार बढ़ती जा रही है। ‘विज्ञान दल’ इसी अंतर को कम करने का प्रयास करेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विज्ञान को केवल सिद्धांतों के रूप में नहीं, बल्कि उसके पीछे के तर्क, प्रयोग, इतिहास और भविष्य से जोड़कर समझाना है।

विज्ञान को जीवन से जोड़ने की कोशिश

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विज्ञान के अतीत, वर्तमान और भविष्य का समग्र परिचय कराया जाएगा। उन्हें यह समझने का अवसर मिलेगा कि विज्ञान केवल सूत्रों और परिभाषाओं का संग्रह नहीं, बल्कि सोचने और दुनिया को समझने का एक तरीका है। इस पहल के संचालन और मार्गदर्शन के लिए अमरावती में स्वयंसेवकों की एक प्रमुख टीम कार्य करेगी, जिसमें डॉ. कुंजन वेद, प्रवीण गुल्हाणे, हार्दिक कक्कड़ तथा डॉ. केतकी कालले जैसे प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल हैं। ये सभी वर्षभर छात्रों के लिए विभिन्न कार्यशालाएं, प्रयोग आधारित गतिविधियां, चर्चा सत्र, विज्ञान परियोजनाएं और अवलोकन कार्यक्रम आयोजित करेंगे।

7वीं से 10वीं के छात्रों के लिए शुरू होगा विज्ञान दल

आयोजकों के अनुसार, ‘विज्ञान दल’ का उद्देश्य केवल विज्ञान का प्रचार-प्रसार करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के भीतर वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तार्किक सोच और जिज्ञासा का विकास करना है।

कई वर्षों बाद शहर में इस प्रकार का व्यापक और दीर्घकालिक विज्ञान आंदोलन शुरू हो रहा है, जिससे छात्रों को पाठ्य पुस्तकों से आगे बढ़कर वास्तविक विज्ञान को समझने का अवसर मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि विद्यार्थियों को कम उम्र में ही प्रश्न पूछने, प्रयोग करने और स्वयं उत्तर खोजने की आदत विकसित हो जाए, तो वे भविष्य में अधिक सक्षम, जागरूक और नवोन्मेषी नागरिक बन सकते हैं। इसी दिशा में ‘विज्ञान दल’ को एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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