ISRO Internship 2026: सैटेलाइट और स्पेस टेक्नोलॉजी पर काम करने का मौका, 3 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन

ISRO URSC Internship : ISRO के यू.आर. राव सैटेलाइट सेंटर (URSC) ने छात्रों के लिए इंटर्नशिप प्रोग्राम की घोषणा की है। 3 अगस्त 2026 से आवेदन शुरू होंगे।
ISRO URSC Internship 2026 offers students hands-on experience in satellite technology and real-world space research projects.
ISRO इंटर्नशिप प्रोग्राम (फोटो - गूगल इमेज)
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ISRO Career Opportunity : भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के यू.आर. राव सैटेलाइट सेंटर (URSC) ने छात्रों के लिए Internship Program 2026 की घोषणा की है। यह इंटर्नशिप उन विद्यार्थियों के लिए एक शानदार अवसर है जो अंतरिक्ष विज्ञान, सैटेलाइट तकनीक, इंजीनियरिंग और रिसर्च के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।

URSC भारत के प्रमुख सैटेलाइट डिजाइन और डेवलपमेंट केंद्रों में से एक है, जहां देश के कई महत्वपूर्ण अंतरिक्ष मिशनों पर काम किया जाता है। इस इंटर्नशिप के लिए आवेदन प्रक्रिया 3 अगस्त 2026 से शुरू होगी। चयनित छात्रों को सैटेलाइट सिस्टम, स्पेस टेक्नोलॉजी और रिसर्च से जुड़े वास्तविक प्रोजेक्ट्स पर काम करने का मौका मिलेगा।

ISRO ने छात्रों के लिए इंटर्नशिप प्रोग्राम की घोषणा की

इस कार्यक्रम के लिए भारतीय नागरिक आवेदन कर सकते हैं। पात्र उम्मीदवारों में मान्यता प्राप्त संस्थानों से UG, PG या PhD कर रहे छात्र शामिल हैं। आवेदन करने वाले छात्रों का कम से कम पांचवें सेमेस्टर या तीसरे वर्ष में होना जरूरी है। इंटर्नशिप की अवधि सामान्यतः 4 से 6 सप्ताह होगी और यह पूरी तरह ऑन-साइट होगी, यानी चयनित उम्मीदवारों को URSC कैंपस में उपस्थित होकर कार्य करना होगा।

छात्रों को उनकी शैक्षणिक योग्यता, अध्ययन क्षेत्र और उपलब्ध परियोजनाओं के आधार पर विभिन्न तकनीकी समूहों में नियुक्त किया जाएगा। उन्हें डिजाइन सपोर्ट, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, टेस्टिंग, सिमुलेशन, रिसर्च और सैटेलाइट सिस्टम डॉक्यूमेंटेशन जैसे कार्यों में शामिल किया जा सकता है।

3 अगस्त 2026 से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

URSC ने स्पष्ट किया है कि इंटर्नशिप का आवंटन "पहले आओ, पहले पाओ" (First Come, First Serve) के आधार पर किया जाएगा। हालांकि अंतिम चयन उम्मीदवार की शैक्षणिक योग्यता और उपलब्ध परियोजनाओं पर निर्भर करेगा। आवेदन के लिए बोनाफाइड सर्टिफिकेट, शैक्षणिक मार्कशीट, रिज्यूमे और वैध पहचान पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी होंगे।

संस्थान की ओर से किसी प्रकार का स्टाइपेंड, आवास, परिवहन या कैंटीन सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी। इसके बावजूद ISRO के वैज्ञानिकों और इंजीनियरों के साथ काम करने का अवसर छात्रों के लिए बेहद मूल्यवान अनुभव साबित हो सकता है और उनके भविष्य के करियर को नई दिशा दे सकता है।

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