भंडारा में यूनिफॉर्म योजना का बजट अटका; 55,000 छात्रों को दूसरे गणवेश का इंतजार, केवल 80% निधि मिलने से नाराजग

Bhandara School News: भंडारा जिले में बजट की कमी के चलते 55 हजार से अधिक छात्र दूसरे यूनिफॉर्म से वंचित हैं। कुल ₹1.65 करोड़ की मांग के मुकाबले सरकार से अब तक केवल 80% निधि ही मिल सकी है।
Bhandara Free School Uniform Scheme Delay
भंडारा स्कूल स्टूडेंट्स प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Bhandara Free School Uniform Scheme Delay: नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 शुरू हुए 10 दिन से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन भंडारा जिले के करीब 55 हजार स्कूली छात्र अभी भी अपने दूसरे यूनिफॉर्म (गणवेश) का इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने कक्षा पहली से आठवीं तक के पात्र विद्यार्थियों को 2 मुफ्त यूनिफॉर्म देने की घोषणा की थी, परंतु जिले को अब तक केवल 80 प्रतिशत (80%) निधि ही मिल पाई है।

इस वजह से कई स्कूलों में बच्चों को केवल एक ही यूनिफॉर्म से संतोष करना पड़ रहा है, जिससे स्कूल प्रबंधन समितियों, अभिभावकों और छात्रों में नाराजगी का माहौल है। जिले में इस वर्ष कुल 55,441 विद्यार्थी मुफ्त यूनिफॉर्म योजना के लिए पात्र पाए गए हैं।

नियम के मुताबिक दो यूनिफॉर्म के लिए प्रति छात्र 600 रुपये मंजूर किए जाने हैं, लेकिन वर्तमान में पहली किस्त के रूप में केवल 240 रुपये प्रति यूनिफॉर्म के हिसाब से ही बजट उपलब्ध कराया गया है। जिले को कुल मिलाकर लगभग 1.65 करोड़ रुपये की जरूरत है, जिसके मुकाबले अब तक सिर्फ 1 करोड़ 33 लाख 5 हजार 840 रुपये ही मिल पाए हैं। शिक्षा विभाग का कहना है कि शेष बजट मिलने के बाद ही दूसरे यूनिफॉर्म का वितरण मुमकिन हो सकेगा।

बजट की कमी से स्कूल समितियों पर बड़ा आर्थिक बोझ

सरकार ने यूनिफॉर्म खरीदने का जिम्मा स्कूल प्रबंधन समितियों को सौंपा है। कुछ समितियों ने अपने स्तर पर पैसों का इंतजाम कर बच्चों को दोनों यूनिफॉर्म दे दिए हैं, लेकिन ज्यादातर स्कूलों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना मुमकिन नहीं था, इसलिए उन्होंने सिर्फ एक ही यूनिफॉर्म बांटा है।

बारिश के इस मौसम में रोज एक ही यूनिफॉर्म पहनने से छात्रों को काफी परेशानी हो रही है। ग्रामीण इलाकों के गरीब अभिभावकों के लिए बाजार से यूनिफॉर्म खरीदना आर्थिक रूप से कठिन है, इसलिए सरकार से तुरंत बचा हुआ बजट जारी करने की मांग की जा रही है।

कपड़े की क्वालिटी और सिलाई पर भी उठे सवाल

इस साल यूनिफॉर्म सिलने का काम स्थानीय महिला बचत समूहों को दिया गया है। महाराष्ट्र सरकार की ओर से कपड़े की क्वालिटी तय किए जाने के बावजूद कुछ जगहों पर घटिया कपड़ा इस्तेमाल होने की शिकायतें आ रही हैं।

कई स्कूलों में बच्चों के साइज में अंतर, सिलाई में कमियां और वितरण में देरी की वजह से असंतोष देखा जा रहा है, जिससे शिक्षा विभाग की गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, अधिकारियों को उम्मीद है कि 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) से पहले बाकी का बजट मिल जाएगा और सभी बच्चों को दोनों यूनिफॉर्म मिल सकेंगे।

यूनिफॉर्म योजना के प्रमुख आंकड़े

  • कुल पात्र विद्यार्थी: 55,441
  • दो यूनिफॉर्म के लिए जरूरी बजट: 1.65 करोड़ रुपये
  • अब तक प्राप्त हुआ बजट: 1 करोड़ 33 लाख 5 हजार 840 रुपये
  • वर्तमान में उपलब्ध राशि: 240 रुपये प्रति छात्र

जल्द होगा वितरण : वीरेंद्र गौतम

समग्र शिक्षा अभियान कार्यक्रम अधिकारी वीरेंद्र गौतम भंडारा जिले के सभी पात्र विद्यार्थियों को सरकारी नियमों के तहत दो यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। मिले हुए बजट के अनुसार पहले चरण का वितरण कर दिया गया है और बाकी की निधि मिलते ही दूसरे यूनिफॉर्म का वितरण भी पूरा कर लिया जाएगा। यूनिफॉर्म की क्वालिटी को लेकर भी हमारी ओर से नियमित जांच की जा रही है।

तहसील के अनुसार लाभार्थी छात्र और मिला हआ बजट

तहसील लाभार्थी छात्र प्राप्त निधि (लाख रु.)
तुमसर 10,637 25.52
मोहाडी 9,390 22.53
भंडारा 8,435 20.24
लाखांदूर 7,362 17.66
पवनी 6,997 16.79
साकोली 6,803 16.32
लाखनी 5,817 13.96
कुल 55,441 133.05
Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com