अमरावती: स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर प्रशासन सख्त; 12 सीटों से अधिक वाली बसों में महिला अटेंडेंट अनिवार्य

Amravati School Bus Safety अमरावती पुलिस आयुक्त राकेश ओला की अध्यक्षता में स्कूल बस सुरक्षा समिति की बैठक हुई,12 से अधिक सीटों वाली बसों में महिला अटेंडेंट, CCTVऔर चरित्र सत्यापन अनिवार्य किया गया है।
CP Rakesh Ola led the School Bus Safety Committee meeting in Amravati. Female attendants for 12+ seater buses, CCTV, and driver verification are now mandatory for student safety.
अमरावती पुलिस आयुक्त राकेश ओला Committee meeting तस्वीर (सौजन्य-नवभारत)
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School Bus Female Attendant Rule News: अमरावती स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षित परिवहन व्यवस्था को अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण मानते हुए जिला प्रशासन ने कई ठोस निर्णय लिए हैं। इस संबंध में शहर पुलिस आयुक्तालय में जिला स्कूल बस सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों की यातायात सुरक्षा पर चर्चा हुई।

बैठक की अध्यक्षता शहर पुलिस आयुक्त राकेश ओला ने की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से विद्यार्थियों की यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और दुर्घटनामुक्त बनाने के लिए जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने का आह्वान किया।

बैठक में परिवहन, शिक्षा विभाग के अधिकारी, विभिन्न स्कूलों के प्रतिनिधि तथा निजी स्कूल बस संघ के पदाधिकारी उपस्थित थे। 10 जुलाई 2025 को हुई पिछली बैठक के निर्णयों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन, शिक्षा विभाग, प्रादेशिक परिवहन विभाग, यातायात पुलिस, निजी स्कूल बस संचालकों और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।

12 से अधिक सीट वाली बसों में महिला अटेंडेंट अनिवार्य

बैठक में 12 से अधिक सीट क्षमता वाली सभी स्कूल बसों में महिला सहपरिचालक (अटेंडेंट) की नियुक्ति अनिवार्य करने का निर्णय दोहराया गया। साथ ही बस चालकों और सहपरिचालकों की चरित्र जांच, बसों में सीसीटीवी कैमरे, प्राथमिक उपचार किट, आपातकालीन निकास द्वार, नियमित वाहन रखरखाव और स्पीड गवर्नर की अनिवार्य व्यवस्था के निर्देश दिए गए।

फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना या अवधि समाप्त होने के बाद संचालित होने वाली बसों पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा बस चालकों, मालिकों और अभिभावकों का अलग वाट्सऐप ग्रुप बनाकर बस की लोकेशन शेयरिंग व्यवस्था लागू करने पर भी चर्चा की गई, ताकि अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा संबंधी जानकारी तुरंत मिल सके।।

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