Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • मध्य प्रदेश
  • विदेश
  • चुनाव
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

बेहिसाब रेत उत्खनन से बदहाल अमरावती की नदियां, भूजल पुनर्भरण क्षमता में लगातार कमी, जल सुरक्षा पर संकट

Illegal Sand Mining: अमरावती जिले की पूर्णा, वर्धा, पेढी, चंद्रभागा, शहानूर और सिपना नदियां अंधाधुंध रेत उत्खनन के कारण गंभीर संकट का सामना कर रही हैं।

  • Written By: आंचल लोखंडे
Updated On: Jun 15, 2026 | 05:23 PM

Sand Mining (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)

Follow Us
Follow Us:

Wardha River Sand Mining: कभी स्वच्छ जल, निर्बाध प्रवाह और समृद्ध जैव विविधता के लिए पहचानी जाने वाली जिले की नदियां आज अंधाधुंध रेत उत्खनन के कारण बदहाल होती जा रही हैं। पूर्णा, वर्धा, पेढी, चंद्रभागा, शहानूर और सिपना जैसी नदियों में बढ़ते रेत दोहन ने पर्यावरणीय संतुलन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

जिले की जीवनरेखा मानी जाने वाली पूर्णा नदी जहां बड़े भूभाग को जल उपलब्ध कराती है, वहीं वर्धा नदी पूर्वी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण जलस्रोत है। पेढी, चंद्रभागा और शहानूर जैसी सहायक नदियां भूजल पुनर्भरण में अहम भूमिका निभाती हैं। लेकिन लगातार हो रहे रेत उत्खनन से इन नदियों की प्राकृतिक संरचना तेजी से बदल रही है। जानकारी के अनुसार जिले में पर्यावरणीय मंजूरी प्राप्त 53 रेत घाट हैं, जिनमें से 33 घाटों को नीलाम किया जा चुका है।

नदी तल में 10 से 20 फीट गहरे गड्ढों का निर्माण

इसके बाद कई नदी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर खुदाई देखने को मिली है। अनेक स्थानों पर नदी तल में 10 से 20 फीट गहरे गड्ढे बन गए हैं और कुछ जगहों पर नदियों के प्राकृतिक प्रवाह मार्ग भी बदल गए हैं। कई लोगों का मानना है कि नदी तल में मौजूद रेत की परत वर्षा जल को जमीन में समाने में मदद करती है। इसके हटने से भूजल पुनर्भरण प्रभावित हो रहा है, जिससे कुओं, बोरवेल और अन्य जलस्रोतों का जलस्तर लगातार घट रहा है। साथ ही नदी किनारों का कटाव बढ़ने और बरसात में उनके धंसने का खतरा भी बढ़ गया है।

सम्बंधित ख़बरें

पत्रकार के सामने छूटे फडणवीस के पसीने! सीएम देवेंद्र मुस्कुराकर बोले ‘प्लीज, आसान सवाल पूछना’, देखें VIDEO

एक ही रात में 80 से अधिक भेड़ों की मौत, 40 Mअब भी बीमार, पशुपालक पर टूटा आर्थिक संकट

पनवेल में CM फडणवीस ने किया ‘IDEAL सेंटर’ का आगाज, अब जिला परिषद स्कूलों में मिलेगी हाईटेक शिक्षा

बिजली चोरी पकड़ने गई महावितरण की टीम पर हमला, कर्मचारी से मारपीट के बाद मामला दर्ज

जलचरों के अस्तित्व पर संकट

रेत उत्खनन का असर केवल जल संसाधनों तक सीमित नहीं है। इससे मछलियों, जलचर जीवों और पक्षियों के प्राकृतिक आवास भी प्रभावित हो रहे हैं। पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी है कि यदि वैज्ञानिक तरीके से रेत उत्खनन, नियमित निगरानी और अवैध खनन पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में जिले को गंभीर जल संकट और पर्यावरणीय असंतुलन का सामना करना पड़ सकता है।

ये भी पढ़े: बिजली चोरी पकड़ने गई महावितरण की टीम पर हमला, कर्मचारी से मारपीट के बाद मामला दर्ज

नियंत्रण के लिए कड़े उपायों की आवश्यकता

पर्यावरण प्रेमी निलेश कांचनपुरे ने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से रेत उत्खनन, नियमित निरीक्षण, जीपीएस आधारित निगरानी व्यवस्था तथा अवैध खनन के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने पर नदियों के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखा जा सकता है। प्रभावी नियंत्रण और सतत निगरानी से जल संसाधनों एवं जैव विविधता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।

Amravati river sand mining water crisis environmental impact

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jun 15, 2026 | 05:23 PM

Topics:  

  • Amravati News
  • Crime
  • Illegal Sand Mining
  • Maharashtra News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.