

Amravati Rajkamal Bridge: अमरावती शहर के सबसे पुराने और प्रमुख यातायात मार्गों में शामिल राजकमल रेलवे ओवरब्रिज अब अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। लंबे समय से चल रहे ध्वस्तीकरण कार्य के तहत रेलवे ट्रैक के ऊपर स्थित पुल का अधिकांश हिस्सा हटाया जा चुका है और मुख्य लोहे के गर्डरों की लगभग 90 प्रतिशत कटाई पूरी हो गई है।
शेष कार्य भी अगले कुछ दिनों में पूरा होने की संभावना है, जिसके बाद पुल का रेलवे क्षेत्र वाला हिस्सा पूरी तरह इतिहास बन जाएगा। फोटो राजकमल उडान पुलरेलवे प्रशासन ने यात्री ट्रेनों के संचालन को प्रभावित किए बिना यह कार्य चरणबद्ध तरीके से किया है। रात के समय विशेष ब्लॉक लेकर भारी मशीनों और तकनीकी टीमों की मदद से गर्डरों को काटा जा रहा है।
रेलवे ट्रैक के ऊपर कार्य होने के कारण सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी रही और इसे पूरा करने में करीब चार माह का समय लगा। राजकमल उड़ानपुल वर्षों से शहर की पहचान और प्रमुख यातायात कड़ी रहा है। अब इसके ध्वस्तीकरण के साथ नागरिकों की निगाहें नई यातायात व्यवस्था और प्रस्तावित आधुनिक पुल के निर्माण पर टिकी हुई हैं। प्रशासन का दावा है कि नया पुल बढ़ते यातायात दबाव को ध्यान में रखकर आधुनिक मानकों के अनुसार तैयार किया जाएगा।
रेलवे क्षेत्र का कार्य पूरा होने के बाद पुल के शेष हिस्से को हटाने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग पीडब्ल्यूडी की होगी। इसमें हमालपुरा से रेलवे स्टेशन चौक की ओर जाने वाला उतार मार्ग तथा राजकमल चौक से जयस्तंभ चौक की दिशा का हिस्सा शामिल है।
इन भागों के हटते ही पुराने राजकमल आरओबी का अस्तित्व पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। आचार संहिता के कारण रुका अगला चरणपीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार अमरावती विधान परिषद एमएलसी चुनाव की आचार संहिता लागू होने से आगे की कार्रवाई सीमित है। आचार संहिता समाप्त होते ही शेष संरचना को हटाने का कार्य तेज गति से शुरू किया जाएगा। एक समय शहर के यातायात की धुरी रहे राजकमल उड़ानपुल का सफर अब समाप्ति की ओर है और अमरावती एक नई यातायात संरचना की ओर बढ़ रहा है।