नागपुर में उपचुनाव की घोषणा, आचार संहिता लागू; क्या अब पेश हो पाएगा नागपुर मनपा का बजट?

Nagpur Election Commission: नागपुर स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के उपचुनाव की घोषणा के बाद आचार संहिता लागू हो गई है। इससे मनपा के आम बजट पेश होने को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है।
Bypoll Announced in Nagpur, Model Code of Conduct Imposed; Can the Nagpur Municipal Corporation Budget Now Be Presented?
नागपुर मनपा, उपचुनाव, आचार संहिता,(सोर्स: सोशल मीडिया)
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Nagpur Local Authority Election: नागपुर महानगरपालिका के गलियारों में उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया जब अचानक भारत निर्वाचन आयोग ने महाराष्ट्र विधान परिषद के 'नागपुर स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र' में खाली पड़ी सीट के लिए उपचुनाव की घोषणा कर दी। एक ओर लंबे समय से चल रहे इंतजार के बाद हुई चुनाव की घोषणा से जहां कुछ चेहरों पर खुशी का माहौल था वहीं अचानक आचार संहिता लागू होने के कारण मनपा की स्थायी समिति का मंगलवार को आम बजट होने तथा आचार संहिता के कारण इस पर संकट के बादल मंडराते देख पदाधिकारियों के चेहरों से हवाइयां उड़ती दिखाई दीं।

उल्लेखनीय है कि मंगलवार को भट सभागृह में मनपा की आम सभा होने जा रही है जहां पर आम बजट पेश करने के लिए मनपा की ओर से 4 दिन पहले ही सूचना जारी की गई। सूचना के अनुसार अब आम सभा तो होना तय है लेकिन आचार संहिता के चलते सभा में बजट पेश किया जाएगा या नहीं, इसे लेकर मनपा प्रशासन और पदाधिकारियों में भी संभ्रम की स्थिति बनी हुई है।

देर रात तक होता रहा इंतजार

विधान परिषद की इस सीट को लेकर अचानक आचार संहिता लागू होने से सुबह ही सत्तापक्ष की ओर से बजट को लेकर हलचल तेज हो गई।

तुरंत प्रभाव से महापौर, सतापक्ष नेता और स्थायी समिति सभापति तथा कुछ वरिष्ठ पार्षदी के बीच अहम बैठक ली गई जिसमें तुरंत प्रभाव से बजट पेश करने के लिए अनुमति की मांग का पत्र चुनाव आयोग को भेजने का निर्णय लिया गया।

निर्णय पर अमल करने के निर्देश मिलते ही मनपा आयुक्त्त की और से जिलाधिकारी के माध्यम से चुनाव आयोग को पत्र भेजा गया,

पत्र भेजने के बाद दिनभर मनपा मुख्यालय के गलियारों में बजट पेश होने को लेकर कभी हां और कभी ना' का सिलसिला जारी रहा, चूंकि देर रात तक चुनाव आयोग की ओर से कोई जवाब नहीं मिलने के कारण यह सिलसिला देर रात तक जारी रहा।

महानगरपालिका का बजट प्रस्तुत करने के लिए जिलाधिकारी के माध्यम से राज्य चुनाव आयोग की अनुमति हेतु प्रस्ताव भेजा गया है। हालाकि अभी तक उसे मंजूरी नहीं मिली है लेकिन सभा शुरु होने से पहले आवश्यक अनुमति मिलने की संभावना है।

- नागपुर, आयुक्त, मनपा, डॉ विपिन इटनकर 

सभापति और पदाधिकारियों में मच गई खलबली

सोमवार की सुबह आचार संहिता लगने की भनक लगते ही सर्वप्रथम महापौर नीता ठाकरे ने सरकारी वाहन जमा कर दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अपील के बाद सत्तापक्ष नेता बाल्या बोरकर ने पहले ही सरकारी वाहन जमा कर दिया था जिसके बदले में निजी वाहन पर सत्तापक्ष नेता की पट्टी लगाकर बाहन का उपयोग हो रहा था। आचार संहिता लगते ही उन्होंने भी वाहन पर से यह पट्टी निकाल ली।

इसी तरह से सत्तापक्ष नेता द्वारा सभी जोन सभापति और विषय समितियों के सभापतियों को वाहन लौटाने के निर्देश भी दिए गए, सूत्रों के अनुसार निर्देशों के बावजूद कुछ समिति के सभापति द्वारा वाहन नहीं लौटाए गए। इन सभापति का मानना था कि उन्होंने वाहनों पर सभापति की पट्टी ही नाहीं लगाई। यह कहते हुए वाहन वापस लौटाने से भी इनकार कर दिया।

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