चंद्रशेखर बावनकुले और रवि राणा (सौ. सोशल मीडिया )
Maharashtra Nikay Chunav: अमरावती महानगरपालिका चुनाव के रण में सीटों के बंटवारे और टिकट वितरण को लेकर चल रही खींचतान के बीच एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है।
गठबंधन (युति) होने के बावजूद कई सीटों पर भाजपा और विधायक रवि राणा की युवा स्वाभिमान पार्टी (वाईएसपी) के उम्मीदवार आमने-सामने थे। इस तनाव को दूर करने और नामांकन वापसी पर चर्चा करने के लिए पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले खुद विधायक रवि राणा के फार्म हाउस पहुंचे।
पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के साथ भाजपा के चुनाव निरीक्षक विधायक संजय कुटे और विदर्भ संगठन मंत्री उपेंद्र कोठेकर भी मौजूद थे। राणा के फार्म हाउस पर हुई इस उच्च स्तरीय और गुप्त चर्चा में चुनावी रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया कि कुछ प्रभागों से युवा स्वाभिमान पार्टी अपने प्रत्याशियों के नामांकन वापस लेगी, जबकि कुछ स्थानों पर दोनों दलों के बीच ‘मैत्रीपूर्ण मुकाबला’ (Friendly Fight) जारी रहेगा। इस महत्वपूर्ण चर्चा में स्थानीय पदाधिकारियों को दूर रखा गया था। बैठक के उपरांत पूर्व सांसद नवनीत राणा ने अतिथियों का स्वागत किया।
बैठक के सकारात्मक परिणाम शुक्रवार को देखने को मिले, जब भाजपा ने आधिकारिक तौर पर युवा स्वाभिमान पार्टी के तीन उम्मीदवारों को अपना समर्थन पत्र सौंपा। इसके तहत प्रमुख बदलाव निम्नलिखित प्रभागों में हुए हैं:–
प्रभाग क्रमांक 11 (फ्रेजरपुरा-रुख्मिनी नगर): यहाँ भाजपा के शैलेश राऊत मैदान में थे, लेकिन अब भाजपा ने वाईएसपी उम्मीदवार सूरज भारत चौधरी को समर्थन दिया है।
प्रभाग क्रमांक 21 (जुनी बस्ती बडनेरा): इस सीट पर भाजपा के गौरव बांते की जगह वाईएसपी के किरण वसंतराव अंबाड़कर को समर्थन घोषित किया गया है।
प्रभाग क्रमांक 17 (गडगडगेश्वर-रवि नगर): यहाँ भाजपा की मृणाल चौधरी ने वाईएसपी प्रत्याशी प्रियंका भूषण पाटणे को अपना समर्थन दिया है।
अमरावती भाजपा के भीतर इस समय टिकट वितरण को लेकर भारी असंतोष देखा जा रहा है। पार्टी के कई पुराने पदाधिकारियों का आरोप है कि करीबियों और रिश्तेदारों को प्राथमिकता दी गई है। पालकमंत्री बावनकुले का यह दौरा न केवल रवि राणा के साथ तालमेल बैठाने के लिए था, बल्कि पार्टी के भीतर उठ रही बगावत की आवाजों को शांत करने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान भाजपा शहराध्यक्ष नितिन धांडे भी चर्चा में शामिल रहे।
ये भी पढ़ें :- Amravati Jail की सुरक्षा में बड़ी सेंध, उम्रकैद के कैदी के पास मिला पेनड्राइव
भाजपा और वाईएसपी के इस नए समीकरण ने अमरावती मनपा चुनाव की तस्वीर बदल दी है। समर्थन मिलने से राणा गुट में उत्साह है, वहीं भाजपा के उन उम्मीदवारों के लिए झटका है जिन्हें गठबंधन की वेदी पर अपनी दावेदारी कुर्बान करनी पड़ी। अब देखना यह होगा कि यह ‘मैत्रीपूर्ण’ समझौता चुनावी नतीजों में किस दल को ज्यादा फायदा पहुंचाता है।