

JEE Advanced Girl Topper Aarohi Deshpande Story: देश भर के लाखों छात्रों का इंतजार अब खत्म हो गया है. इंजीनियरिंग के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) में एडमिशन के लिए होने वाली JEE Advanced 2026 परीक्षा के नतीजे घोषित हो गए हैं। इस साल के नतीजों में सबसे ज्यादा चर्चा IIT दिल्ली जोन के छात्रों की हो रही है, जिन्होंने पूरे देश में अपना परचम लहराया है।
JEE Advanced 2026 के नतीजों के बीच एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। यह नाम है महाराष्ट्र की रहने वाली आरोही देशपांडे का, जिन्होंने लड़कियों में शीर्ष रैंक हासिल करके अपनी प्रतिभा दिखाई है। पहले JEE Main में और अब JEE Advanced में अपने शानदार प्रदर्शन से उन्होंने यह साबित कर दिया है कि लगातार कड़ी मेहनत और सही दिशा में की गई तैयारी से वाकई बड़े लक्ष्यों को हासिल किया जा सकता है।
इस साल 17 मई 2026 को हुई JEE Advanced परीक्षा के लिए कुल 1 लाख 87 हजार 389 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें से 1 लाख 79 हजार 694 उम्मीदवार दोनों पेपर दिए। परीक्षा में कुल 56,880 उम्मीदवार क्वालिफाई हुए, जिनमें 10,107 लड़कियां शामिल थीं। आरोही देशपांडे ने ऑल इंडिया रैंक में 77वां स्थान हासिल किया। उन्होंने दिल्ली जोन से परीक्षा दी थी और 360 में से 280 अंक प्राप्त किए। महिला उम्मीदवारों में यह सबसे बेहतरीन परफॉर्मेंस थी, जिससे वह इस साल की महिला टॉपर बन गईं।
आरोही देशपांडे ने जेईई एडवांस्ड में ही नहीं इससे पहले हुई जेईई मेन परीक्षा में भी शानदार प्रदर्शन किया था। जेईई मेन 2026 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 99 हासिल की थी। लगातार दोनों परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन ने उन्हें देश के मेधावी छात्रों की लिस्ट में शामिल कर दिया है।
बता दें कि आरोही देशपांडे मूल रूप से महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली हैं। हालांकि, इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए वह कोटा राजस्थान चली गईं। पिछले 4 सालों से वह कोटा में ही रहकर पढ़ाई कर रही थीं। उन्होंने कोटा स्थित एलन इंस्टीट्यूट में अपनी तैयारी की। जहां उन्होंने नियमित अभ्यास, टेस्ट सीरीज और रिविजन के जरिए अपनी पढ़ाई को मजबूत बनाया। लंबे समय तक अपने टारगेट पर लगातार फोकस रखने की उनकी क्षमता को ही उनकी सफलता का एक प्रमुख कारण माना जाता है।
अपनी सफलता के पीछे की रणनीति बताते हुए आरोही ने कहा कि अपनी नियमित पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने अपनी छुट्टियों और रविवारों का भी पूरा सदुपयोग किया। यदि वह किसी खास अध्याय को तय समय पर पूरा नहीं कर पाती थीं, तो उसे खत्म करने के लिए वह विशेष रूप से अतिरिक्त समय निकालती थीं। उनका मानना है कि केवल पढ़ना ही काफी नहीं है, बार-बार दोहराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी कारण से उन्होंने नियमित रूप से दोहराने का अभ्यास किया और हर विषय के लिए अलग से नोट्स तैयार किए।
आरोही देशपांडे की तैयारी का एक खास हिस्सा उनके नोट्स बनाने का स्टाइल था। उन्होंने बताया कि उन्होंने केमिस्ट्री समेत कई सब्जेक्ट्स के नोट्स बनाते समय कलर कोडिंग टेक्निक का इस्तेमाल किया। जरूरी फ़ॉर्मूला, फैक्ट्स और कॉन्सेप्ट्स को अलग-अलग रंगों में लिखने से उन्हें रिविज़न के दौरान जरूरी पॉइंट्स जल्दी याद करने में मदद मिली। यह तरीका उनके लिए एग्जाम की तैयारी के दौरान बहुत काम आया।