अमरावती कोर्ट ने नाबालिग के अपहरण व अत्याचार मामले में दिया बड़ा फैसला, आरोपी को 10 साल की कड़ी सजा
Amravati Newss: अमरावती कोर्ट ने नाबालिग अपहरण व यौन अत्याचार के आरोपी नितेश आडे को 10 साल की जेल, 5,000 जुर्माना और पीड़िता को 50,000 रुपये मुआवजा देने का आदेश सुनाया।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Amravati Minor Abuse And Kidnapping Case: एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर अत्याचार करने वाले आरोपी नितेश काशीनाथ आडे (26, गाडगेनगर) को अमरावती जिला व सत्र न्यायालय ने 10 वर्ष की सख्त सजा के साथ 5 हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। दंड न भरने पर 3 महिने की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी पड़ सकती है। साथ ही पीड़िता को 50,000 को नुकसान भरपाई देने के आदेश भी न्यायालय ने दिए हैं।
क्या है मामला?
उल्लेखनीय है कि घटना 1 जनवरी 2020 को घटी थी। जब नाबालिग 11 कक्षा में पढ़ रही थी। आरोपी नितेश ने उससे बात करने के का प्रयास किया। पीड़िता जब गाडगे महाराज मंदिर में गई तब आरोपी ने उसका पीछा किया। पीड़िता ने उसके साथ जाने से मना करने पर आरोपी ने उस पर रास्ते पर हमला किया और उसके बाद परसोडा में अपने मौसी के घर ले गया। जहां उसने पीड़िता पर लैंगिक अत्याचार किया।
11 गवाहों के बयान दर्ज किए गए
नाबालिग के अपरहण होने की जानकारी के बाद पुलिस ने तुरंत आरोपी व पीड़िता को अपने कब्जे में लिया। पीड़िता की मां की शिकायत पर गाडगेनगर पुलिस ने मामला दर्ज किया। इस प्रकरण में जांच पीएसआई मनीषा सामतकर ने की। सरकार की ओर से अतिरिक्त सरकारी अभियोक्ता एडवोकेट सोनाली क्षीरसागर ने न्यायालय में कुल 11 गवाहों को पेशकर उनके बयान दर्ज करवाए तथा जोरदार दलील प्रस्तुत की।
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जिला व सत्र न्यायाधीश वाईए गोस्वाकी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को 10 साल की कड़ी सजा और 5,000 रुपये का जुर्माना सुनाया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त 3 माह की सजा भुगतनी होगी। साथ ही पीड़िता को 50,000 रुपये का नुकसान भरपाई देने का आदेश दिया गया है।
आरोपी को 25,000 रुपये दो माह के भीतर न्यायालय में जमा करने होंगे और शेष 25,000 रुपये जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण के माध्यम से जमा करवाने होंगे। न्यायालयीन कार्यवाही में पैरवी अधिकारी के रूप में एएसआई कनोजिया ने काम देखा।
