पत्नी को मारने चला था, बेटी ने बचाई जान; अब 10 साल जेल की हवा खाएगा पति

Gondia Crime News: पत्नी की हत्या के प्रयास के मामले में गोंदिया अदालत ने कुल्हाड़ी से वार कर पत्नी को घायल करने वाले आरोपी पति को 10 साल के कठोर कारावास और 2,000 जुर्माने की सजा सुनाई।
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प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Gondia Domestic Violence News: अपर सत्र न्यायालय गोंदिया ने पत्नी की हत्या के प्रयास के गंभीर अपराध में आरोपी पति पवन सूरज खांडेकर (42), निवासी गोरेगांव को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 2,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने की स्थिति में आरोपी को 2 महीने के अतिरिक्त कारावास का दंड भुगतना होगा। यह फैसला जिला व अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एएस प्रतिनिधि की अदालत ने सुनाया है।

क्या है मामला?

आरोपी पवन खांडेकर शराब का आदी था और अपनी पत्नी सोनाली खांडेकर के चरित्र पर संदेह करता था। इसी कारण दोनों के बीच अक्सर विवाद होते रहते थे और पिछले 5-6 वर्षों से वे अलग-अलग कमरों में रहते थे।

घटना के समय आरोपी के पिता बीमार थे, जिसके चलते वह अपनी पत्नी के साथ रह रहा था। घटना 17 मार्च 2022 की है। उस दिन सुबह से रात तक पति-पत्नी के बीच चरित्र संदेह को लेकर झगड़ा चलता रहा। रात का भोजन करने के बाद जब दोनों सो गए, तभी करीब रात 1 बजे आरोपी ने पत्नी की हत्या के इरादे से कुल्हाड़ी से उसके माथे पर वार किया। इस हमले में सोनाली गंभीर रूप से घायल हो गई।

घायल सोनाली को उसकी बेटी ईशा पवन खांडेकर ने तत्काल गोरेगांव के ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे गोंदिया के केटीएस अस्पताल में रेफर किया गया। इलाज के दौरान गंभीर चोटों के बावजूद सोनाली की जान बच गई।

10 गवाहों की गवाही

घटना के अगले दिन 18 मार्च 2022 को बेटी ईशा ने गोंदिया जिले के गोरेगांव पुलिस स्टेशन में अपने पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 326 के तहत मामला दर्ज किया।

जांच अधिकारी सहायक पुलिस निरीक्षक संदीप गोसावी ने विस्तृत जांच कर आरोपी के विरुद्ध आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मामले में कुल 10 गवाहों की गवाही तथा मेडिकल और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के समक्ष पेश किए।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद माननीय न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष के तर्कों को स्वीकार करते हुए आरोपी पवन सूरज खांडेकर को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या के प्रयास) के तहत दोषी ठहराया और उसे 10 वर्ष के कठोर कारावास तथा 2,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

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