मुंबई-नवी मुंबई एयरपोर्ट को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन-8 को हरी झंडी, हवाई यात्रियों को बड़ी राहत
Mumbai Airport Connectivity: मुंबई व नवी मुंबई के बीच हवाई यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए मेट्रो लाइन-8 को मंजूरी मिली। 22,862 करोड़ की यह परियोजना दोनों एयरपोर्ट को भरोसेमंद कनेक्टिविटी देगी।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Metro Line Infrastructure Project: मुंबई और नवी मुंबई के बीच हवाई यात्रियों की समस्या को खत्म करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। महाराष्ट्र कैबिनेट की इंफ्रास्ट्रक्चर कमेटी ने छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को जोड़ने वाली मेट्रो लाइन-8 परियोजना को मंजूरी दे दी है।
यह परियोजना न केवल मुंबई महानगर क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नया आयाम देगी, बल्कि दोनों प्रमुख एयरपोर्ट के बीच यात्रा को तेज, सुलभ और भरोसेमंद बनाएगी।
करीब 22,862 करोड़ की लागत से बनने वाली यह मेट्रो लाइन सरकार-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परियोजना से जुड़ी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अगले छह महीनों में पूरी की जाए, ताकि काम में कोई देरी न हो।
सम्बंधित ख़बरें
टूरिस्ट अट्रैक्शन बना नया ब्रिज, मिसिंग लिंक बना नया सेल्फी पॉइंट, 100 की रफ्तार पर जानलेवा फोटोबाजी
शक के चलते दोस्त का गला रेतने की कोशिश, पत्नी से अवैध संबंध के संदेह में हमला
पुणे में धर्मांतरण का विवाद, जीसस इज लॉर्ड चर्च पर भाजपा नेता गोपीचंद पाडलकर के गंभीर आरोप
भगूर में नमो उद्यान पर राष्ट्रवादी-शिवसेना दल आमने-सामने, राष्ट्रवादी (अजित) की नगराध्यक्ष प्रेरणा बलकवडे भडकी
कुल 14 एलिवेटेड स्टेशन होंगे शामिल
इसके लिए लगभग 30.7 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी, जिस पर अनुमानित 388 करोड़ खर्च आएगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस परियोजना को तय पांच साल की अवधि से पहले, महज 3.5 साल में पूरा किया जाए।
मेट्रो-8 की कुल लंबाई लगभग 35 किलोमीटर होगी। इसमें से 9.25 किलोमीटर हिस्सा भूमिगत रहेगा, जबकि बाकी मार्ग एलिवेटेड सेक्शन के रूप में विकसित किया जाएगा। इस कॉरिडोर पर कुल 25 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें 6 भूमिगत और 14 हलिवेटेड स्टेशन शामिल होंगे।
यह लाइन मुंबई के पूर्वी और पश्चिमी उपनगरों को नदीं मुंबई से सीधे जोड़ेगी, जिससे सड़क यातायात पर दबाव भी कम होगा। परियोजना की एक अहम खासियत यह है कि मेट्री-8 को प्रमुख रेलवे जंक्शनों से जोड़ा जाएगा।
LTT भी जुड़ेगा मेट्रो लाइन से
मुख्यमंत्री के अनुसार लोकमान्य तिलक टर्मिनस जैसे बड़े रेल जंक्शन को भी इस मेट्रो लाइन से जोड़ा जाएगा। इससे लोकल और लंबी दूरी की ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों को सीधे एयरपोर्ट तक पहुंचने का विकल्प मिलेगा, मेट्रो-8 पर 3 अन्य मेट्रो लाइनों के इंटरचेंज प्रस्तावित हैं, जिससे पूरे एमएमआर की मेट्रो नेटवर्क कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
यह भी पढ़ें:-वर्धा की सफाई व्यवस्था अब भी प्रभावित, नगराध्यक्ष व नगरसेवक तक झाड़ू लेकर उतरे, फिर भी चुनौती बरकरार
फाइनेंसियल स्ट्रक्चर की बात करें तो परियोजना में 20 प्रतिशत हिस्सेदारी केंद्र सरकार, 20 प्रतिशत राज्य सरकार (बीजीएफ के रूप में) और शेष 60 प्रतिशत निवेश निजी पीपीपी ऑपरेटर द्वारा किया जाएगा, सरकार का मानना है कि इस मॉडल से न केवल वित्तीय बोझ कम होगा, बल्कि निर्माण और संचालन में आधुनिक तकनीक और दक्षता भी सुनिश्चित होगी।
