प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: (सौजन्य-नवभारत)
Amravati Municipal Corporation News: अमरावती शहर लंबित कर वसूली को गति देने के उद्देश्य से मनपा और मजीप्रा के बीच महत्वपूर्ण समझौता किया गया है। मनपा आयुक्त सौम्या शर्मा चांडक और मजीप्रा अधिकारियों की उपस्थिति में इस करार पर आधिकारिक मुहर लगाई गई।
शहर में जलापूर्ति व्यवस्था का संचालन मजीप्रा द्वारा किया जाता है। वहीं, संपत्ति कर की वसूली मनपा के माध्यम से की जाती है। दोनों संस्थाओं के पास बड़ी मात्रा में बकाया कर और जलकर लंबित है। इसी पृष्ठभूमि में बकाया वसूली को प्रभावी बनाने के लिए संयुक्त कार्रवाई की रणनीति तय की गई है। समझौते के अनुसार अब किसी भी नागरिक को नई या नियमित सेवा प्राप्त करने के लिए संबंधित विभाग का ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ (ना हरकत प्रमाणपत्र) प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
यदि किसी नागरिक पर संपत्ति कर बकाया है तो मजीप्रा जलसेवा प्रदान नहीं करेगा। इसी प्रकार जलकर बकाया होने पर मनपा संबंधित सेवाएं रोक सकती है। इसके अतिरिक्त संपत्ति कर बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं का जलापूर्ति कनेक्शन काटने में मजीप्रा सीधे सहयोग करेगा।
संबंधित जोन अधिकारी का ‘नो ड्यूज सर्टिफिकेट’ मिलने के बाद ही जलापूर्ति पुनः शुरू की जाएगी। अमरावती शहर में अवैध जल कनेक्शन तथा कर के दायरे से बाहर संपत्तियों की पहचान के लिए संयुक्त डिजिटल डैशबोर्ड तैयार किया जाएगा। कर और जलकर नहीं भरने वालों के विरुद्ध दोनों संस्थाएं संयुक्त रूप से कानूनी जप्ती और वसूली की कार्रवाई करेंगी।
प्रशासन का कहना है कि इस समझौते का उद्देश्य राजस्व बढ़ाना, बकाया कम करना और सेवा वितरण में अनुशासन लाना है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे शीघ्र ही अपना लंबित संपत्ति कर और जलकर जमा कर प्रशासन को सहयोग दें,
| स्थिति | कार्रवाई / परिणाम |
| संपत्ति कर बकाया | मजीप्रा नया पानी कनेक्शन नहीं देगा और मौजूदा कनेक्शन काट सकता है। |
| जलकर बकाया | महानगरपालिका की संबंधित नागरिक सेवाएँ रोक दी जाएंगी। |
| अवैध कनेक्शन | डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से पहचान और कानूनी जब्ती की कार्रवाई। |
| समाधान | जोन अधिकारी से ‘ना हरकत प्रमाणपत्र’ (NOC) लेना अनिवार्य। |