वर्धा के चन्द्रप्रभ स्वामी मंदिर 125वीं वर्षगांठ (फोटो नवभारत)
Wardha Jain Temple News: श्रीजैन श्वेताम्बर चन्द्रप्रभ मंदिर की 125वीं वर्षगांठ एवं ध्वजारोहण समारोह का पाँच दिवसीय महोत्सव वर्धा में हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। इस महोत्सव में संघ के प्रत्येक सदस्य का उल्लेखनीय योगदान रहा और सभी कार्यक्रम अत्यंत भव्यता के साथ आयोजित किए गए।
महोत्सव की शुरुआत जैन संत प्रशमरतिविजयजी महाराज के मंगल आशीर्वाद से हुई। इस दौरान अठारह अभिषेक पूजन, पंच कल्याणक पूजन, अनंत लब्धिनिधान गौतमस्वामी महाराज पूजन, श्रीसिद्ध सहस्त्र नाम अभिषेक पूजन तथा सत्तर भेदी पूजन जैसे विविध धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। सभी कार्यक्रम धार्मिक सौहार्द और आस्था से परिपूर्ण रहे।
महोत्सव के अंतर्गत भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसके पश्चात धर्मसभा का आयोजन हुआ। धर्मसभा में सुधीर पांगुल, नगराध्यक्ष वर्धा, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वे नगराध्यक्ष नहीं, बल्कि एक सेवक के रूप में यहाँ उपस्थित हैं।
महोत्सव के पहले चार दिनों में रात्रिकालीन भजन संध्या का सुंदर आयोजन किया गया। 17 फरवरी को पुलगांव निवासी अरिहंत नाहटा एवं सिद्ध नाहटा बंधुओं ने अपने सुमधुर संगीत से श्रोताओं का मन मोह लिया। अन्य दिनों में मनीष मेहता ने भावपूर्ण भजनों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
20 फरवरी, फागण सुदी 3 को 125वीं वर्षगांठ के अवसर पर ध्वजारोहण समारोह धूमधाम से संपन्न हुआ। यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि इसी तिथि को सन 1902 में देवाधिदेव श्री चन्द्रप्रभ स्वामी की प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी।
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मुख्य समारोह में महाराष्ट्र राज्य के राज्यमंत्री एवं पालकमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजारोहण किया और उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित किया। महोत्सव के दौरान वर्धा संघ में उमंग और उत्साह का वातावरण बना रहा।
नागपुर, हिंगणघाट, पुलगांव, सेलू, आर्वी, नाचणगांव, माढेली, भद्रावती, चंद्रपुर, मुंबई सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में संघ के सदस्य इस भव्य आयोजन में सहभागी बने। कार्यक्रम के समापन पर कुमारपाल राजा की 108 दीपक आरती का आयोजन किया गया, जिसने समूचे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।