

Amravati Temple Land News: अमरावती में हिंदू संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले मंदिरों की भूमि भू-माफियाओं द्वारा हड़पने तथा प्रशासनिक अधिकारियों से मिलीभगत कर करोड़ों की जमीनें कौड़ियों के भाव बेचने की घटनाएं सामने आ रही हैं।
मंदिरों की भूमि बचाने के लिए एंटी लैंड ग्रैबिंग एक्ट कानून बनना अत्यंत आवश्यक है। जिले के तिवसा व चांदूर रेलवे तहसीलों में महाराष्ट्र मंदिर महासंघ के साथ 9 मंदिर ट्रस्टियों ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नाम संबंधित तहसीलदारों को निवेदन सौंपा। इस कानून को तुरंत लागू करने तथा विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग भी निवेदन में की गई है।
महाराष्ट्र मंदिर महासंघ ने विदर्भ के अमरावती, अकोला आदि जिलों में कई देवस्थान की हड़पी गई सैकड़ों एकड़ भूमि पुनः देवस्थान को दिलाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी है। इनमें राजस्व अधिकारी द्वारा 50 करोड़ की जमीन मात्र 960 रुपए में बेचने का मामला भी उजागर हुआ है।
देवस्थान भूमि कब्जाने की घटनाओं के विरोध में सरकार ने आगे आकर छत्रपति शिवाजी महाराज की तरह देवस्थान की रक्षा करने की मजबूत व ठोस भूमिका निभानी चाहिए, ऐसा आवाहन भी निवेदन में किया गया है।
तिवसा तहसीलदार को दिए गए निवेदन में नागेश्वर महादेव संस्थान के अध्यक्ष कैलाशकुमार पनपालिया, ट्रस्टी विजयराव करड़े, मोहन इंगले, धीरज चांडक, रविंद्र भोयर, मनोहर कसर, सोपान करड़े, गजानन महाराज संस्थान विद्युत कॉलोनी तिवसा के ट्रस्टी तथा अनिल मापले, मंगेश जगताप, सुदाम श्रीखंडकर, देवराव हिरूलकर, संत सोटागिर महाराज संस्थान तिवसा के अध्यक्ष दादाराव मानमोडे, ट्रस्टी अनिल कालमेघ, दत्ता मालोदे आदि उपस्थित थे।
वहीं तहसीलदार चांदूर रेलवे को निवेदन देते समय पुंजाराम नेमाडे अध्यक्ष, विठोबा संस्थान उर्फ श्रीकृष्ण अवधूत बुवा संस्थान, सावंगा (विठोबा) चांदूर रेलवे तथा ट्रस्टी मंडल उपस्थित था।