अमरावती संभाग की सात नगरपालिका पर संकट, आरक्षण 50 फीसदी से ज़्यादा होने पर चुनाव रद्द होने का खतरा

Supreme Court Reservation Guidelines: अमरावती संभाग की सात नगरपालिकाओं में आरक्षण 50% से अधिक होने पर चुनाव रद्द होने का खतरा। सुप्रीम कोर्ट निर्देशों के बीच सरकार और प्रशासन में चिंता बढ़ी है।
अमरावती संभाग की सात नगरपालिका पर संकट
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Amravati Municipal Reservation Issue: अमरावती संभाग में दर्यापुर, चिखलदरा नगर पालिका और धारणी नगर पंचायत सहित सात स्थानीय निकायों के चुनाव संकट में पड़ सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट की आरक्षण सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं होने की स्पष्ट चेतावनी के बीच इन स्थानों पर आरक्षण प्रतिशत बढ़ने की चर्चा है, जिससे चुनाव रद्द होने की संभावना बन गई है। राज्य में नगर पालिका और नगर पंचायत के चुनाव प्रक्रिया जारी है और 2 दिसंबर को मतदान होना है।

लेकिन अमरावती संभाग की सात नगर परिषदों/नगर पंचायतों का भविष्य अधर में है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार जहां आरक्षण 50 प्रतिशत से ज़्यादा हो गया है, वहां चुनाव रद्द किए जा सकते हैं। इस सूची में अमरावती जिले की दर्यापुर व चिखलदरा नगर परिषदें और धारणी नगर पंचायत, यवतमाल जिले की तीन नगर परिषदें तथा वाशिम जिले की एक नगर परिषद शामिल हैं।

आरक्षण का आंकड़ा 50 फीसदी से अधिक

दर्यापुर नगर परिषद में ओबीसी का प्रतिशत 6.75 मानकर 7 सीटें आरक्षित की गईं, जिससे कुल आरक्षण 64.71% हो गया। चिखलदरा नगर परिषद में एसटी आरक्षण सीधे 75% तक पहुंच गया है। पिछले चुनाव में एसटी के लिए 3 सीटें थीं, इस बार बढ़ाकर 7 कर दी गई हैं। ओबीसी सीटें 4 से 5 और एससी सीटें 2 से 3 कर दी गई हैं। धारणी नगर पंचायत में 4.59% आधार पर ओबीसी के लिए 5 सीटें आरक्षित कर कुल आरक्षण 64.71% हो गया।

प्रशासन का कहना है कि आरक्षण निर्धारण राज्य सरकार की 8 जुलाई 2025 की अधिसूचना के आधार पर किया गया है। अधिसूचना के बिंदु 2 के अनुसार, आरक्षण तय करते समय 0.5 या उससे अधिक अंश को 1 माना जाएगा, जबकि 0.5 से कम को अनदेखा किया जाएगा। 1965 एक्ट के सेक्शन 3(2)(अ) के अनुसार, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ओबीसी के लिए सीटें आरक्षित की गईं, लेकिन इससे कई जगहों पर आरक्षण संवैधानिक सीमा से ऊपर चला गया।

सरकार और प्रशासन को बड़ा झटका

इन आंकड़ों के सामने आने के बाद सरकार और प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट की स्पष्ट भूमिका को देखते हुए इन सात स्थानों के चुनाव रद्द होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

नगर पालिका प्रशासन सहआयुक्त विकास खंडारे ने कहा कि  यह विषय न्यायालयीन प्रक्रिया में है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना संभव नहीं है। राज्य चुनाव आयोग से अभी तक कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। वर्तमान में नगर परिषद और नगर पंचायत चुनाव के तहत मिले निर्देशों पर अमल किया जा रहा है। आयोग की ओर से जो भी नए निर्देश मिलेंगे, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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