अमरावती में अवैध ब्याज कारोबार पर कसा शिकंजा, सहकार विभाग ने मारा छापा, कोरे स्टैंप पेपर और ब्लैंक चेक जब्त

Amravati Illegal Moneylending: अमरावती में सहकार विभाग ने अवैध साहूकारी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए तीन क्षेत्रों में छापेमारी की। छह पथकों ने 32 संदिग्ध दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू की।
Amravati Illegal Moneylending Raids
अमरावती में अवैध रूप से पैसे उधार देने वालों के यहां छापेमारी(फोटो नवभारत)
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Amravati Illegal Moneylending Raids: अमरावती जिले में कथित अवैध साहूकारी और व्याजखोरी के खिलाफ सहकार विभाग ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए अमरावती, मोर्शी और चांदूर बाजार क्षेत्र में एक साथ छापेमारी की।

छह स्वतंत्र पथकों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर कोरे स्टैंप पेपर, प्रॉमिसरी नोट, बिक्रीखत, रजिस्ट्री संबंधी कागजात और ब्लैंक चेक सहित 32 संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए। दस्तावेजों को सील कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

11 पथकों ने संभाला मोर्चा

अमरावती जिले में कथित अवैध साहूकारी और ब्याज वसूली के खिलाफ सहकार विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। पिछले तीन दिनों में विभाग ने बडनेरा, अमरावती, तिवसा, चांदूर बाजार, मोर्शी और नांदगांव खंडेश्वर तहसीलों में कुल 11 पथक गठित कर अलग-अलग स्थानों पर जांच और कार्रवाई की है।

विभाग की लगातार कार्रवाई से अवैध रूप से ब्याज का कारोबार करने वालों में खलबली मची हुई है। कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों की जांच महाराष्ट्र साहूकारी (नियमन) अधिनियम, 2014 के प्रावधानों के तहत की जा रही है।

विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि जब्त दस्तावेजों का इस्तेमाल अवैध रूप से कर्ज देने या ब्याज वसूली के लिए किया गया था या नहीं। जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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दस्तावेजों की जांच के बाद होगी नियमानुसार कार्रवाई

विभागीय सह-निबंधक गौतम वर्धन और जिला उपनिबंधक राजेश भुवार के मार्गदर्शन में मोर्शी की सहायक निबंधक स्वाति गुडधे मामले की आगे की जांच कर रही हैं। कार्रवाई के दौरान जब्त किए गए दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है।

विभाग का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल अवैध साहूकारी या ब्याज वसूली के लिए किया गया था या नहीं। जांच के दौरान यदि अवैध रूप से कर्ज देने या ब्याज वसूलने के प्रमाण सामने आते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ महाराष्ट्र साहूकारी अधिनियम के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल विभाग की जांच जारी है।

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