

Amravati Flood Rain Damages: बीते दिनों हुई मूसलाधार बारिश ने अमरावती जिले में व्यापक तबाही मचाई। जिला प्रशासन की प्राथमिक रिपोर्ट के अनुसार जिले में औसतन 75.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
जबकि 40 राजस्व मंडलों में अतिवृष्टि और 21 मंडलों में 100 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड हुई। बाढ़ और तेज बारिश के कारण 419 गांव प्रभावित हुए, जहां 57,689.89 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र की फसलें जलमग्न होकर बर्बाद हो गईं। सोयाबीन, कपास, तुअर, मक्का, धान और ज्वार जैसी प्रमुख खरीफ फसलें सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं।
प्रशासन और राजस्व विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में पंचनामा कर नुकसान का आकलन कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम सर्वेक्षण पूरा होने के बाद किसानों और प्रभावित परिवारों को नियमानुसार सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
बारिश और बाढ़ से जिले में कुल 1,092 मकानों को नुकसान पहुंचा है। सबसे अधिक असर नांदगांव खंडेश्वर तहसील में देखने को मिला, जहां 799 मकान आंशिक और 159 मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा भातकुली, चांदूर रेलवे, धामणगांव रेलवे, धारणी, अचलपुर, दर्यापुर, मोर्शी, वरुड़, अंजनगांव सुर्जी और चिखलदरा तहसीलों में भी मकानों को नुकसान पहुंचा।
नांदगांव खंडेश्वर में बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने 65 परिवारों के 289 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इसी दौरान बाढ़ के तेज बहाव में बह जाने से हैदरपुरा निवासी 28 वर्षीय शेख शोएब शेख अख्तर की मौत हो गई, जिससे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
अधिक वर्षा का असर केवल खेती और मकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पशुधन को भी भारी नुकसान हुआ। नांदगांव खंडेश्वर में 1,155 मुर्गियां, 93 बकरियां और 35 मवेशियों सहित कुल 1,283 पशुधन की मौत दर्ज की गई, जबकि मोर्शी तहसील में एक बैल की भी मृत्यु हुई।
फसल नुकसान के मामले में नांदगांव खंडेश्वर सबसे अधिक प्रभावित रहा, जहां 31,151 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ। इसके बाद मोर्शी में 19,506 हेक्टेयर, भातकुली में 4,521 हेक्टेयर, धामणगांव रेलवे में 2,138 हेक्टेयर तथा अन्य तहसीलों में भी फसलों को व्यापक क्षति हुई।
अमरावती जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्य तेज कर दिए हैं तथा किसानों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।