

Eknath Shinde Pays Tribute To Dr Dy Patil: उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने प्रसिद्ध शिक्षाविद् और पूर्व राज्यपाल डॉ. डी. वाई. पाटिल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें महाराष्ट्र का 'दूरदर्शी शिक्षणमहर्षि' बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. पाटील ने केवल शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना नहीं की, बल्कि शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बनाया।
उनके प्रयासों से लाखों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और विश्वस्तरीय शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला। शिंदे ने कहा कि आज देश-विदेश से हजारों छात्र डॉ. डी. वाई. पाटिल विश्वविद्यालयों में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जो उनके दूरदर्शी नेतृत्व और शिक्षा के प्रति समर्पण का जीवंत प्रमाण है। देशभर में सात स्वतंत्र विश्वविद्यालयों की स्थापना उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियों में शामिल है।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि डॉ. डी. वाई. पाटिल ने शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और खेल क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किए। कोल्हापुर, पुणे और नवी मुंबई में स्थापित अत्याधुनिक अस्पतालों ने लाखों लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराईं। वहीं नवी मुंबई स्थित विश्वस्तरीय डी. वाई. पाटिल स्टेडियम ने महाराष्ट्र को खेल जगत में नई पहचान दिलाई।
शिंदे ने कहा कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल इन तीनों क्षेत्रों में संतुलित कार्य करने वाले व्यक्तित्व बहुत कम देखने को मिलते हैं और डॉ. पाटिल उनमें से एक थे। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को लगातार प्रेरित करता रहेगा।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि डॉ. डी. वाई. पाटिल ने बिहार, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के रूप में संवैधानिक पद की गरिमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में अनुशासन, ईमानदारी और सामाजिक प्रतिबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी, जिससे वे लाखों लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बने।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि उनके निधन से महाराष्ट्र ने एक दूरदर्शी शिक्षणमहर्षि, समाजोन्मुख विचारक और लाखों छात्रों के मार्गदर्शक को खो दिया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से प्रार्थना की कि शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।