Vidarbha Defence Corridor: ₹1,000 करोड़ का डिफेंस प्रोजेक्ट अटका, जमीन दर पर 6 माह से फंसी फाइल
Vidarbha defence corridor: डिफेंस कॉरिडोर में शामिल अमरावती के नांदगांव पेठ एमआईडीसी में टेंबो डिफेंस का ₹1,000 करोड़ प्रोजेक्ट जमीन दर विवाद के कारण 6 माह से अटका, 1,000 रोजगार पर असर।
- Written By: प्रिया जैस
डिफेंस प्रोजेक्ट (AI Generated Image)
Tembo Defence Amaravati Project: नांदगांव पेठ पंचतारांकित एमआईडीसी में नामांकित टेंबो डिफेंस कंपनी का प्रकल्प अधर में लटका है। यह प्रकल्प शुरू होने पर करीब 1,000 युवकों को रोजगार उपलब्ध होने के साथ वीरान पड़ी एमआईडीसी को गति मिलेगी। इसलिए राज्य के मुख्यमंत्री, जिले के पालक मंत्री तथा जनप्रतिनिधियों ने इस प्रकल्प को मान्यता देने हेतु पूरी शक्ति लगाने की अपेक्षा नागरिकों द्वारा की जा रही है।
कंपनी द्वारा मांगी गई जमीन, दर 24 रुपए प्रति स्क्वेयर फीट
उल्लेखनीय है कि मुंबई की नामांकित टेंबो डिफेंस प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड ने राज्य सरकार के साथ संरक्षण उत्पादन के लिए एक हजार करोड़ रुपए के निवेश हेतु करार किया है। यह कंपनी गोला-बारूद तथा संरक्षण से संलग्न शस्त्रों का उत्पादन करती है। इसके लिए कंपनी ने नांदगांव पेठ एमआईडीसी में गत जून माह में 100 एकड़ जमीन की मांग की है।
लेकिन एमआईडीसी ने जमीन के लिए करीब 45 रुपए प्रति स्क्वेयर फीट की दर बताई है। कंपनी द्वारा यह दर मान्य नहीं होने से यह प्रकल्प अटका है। कंपनी का कहना है कि इसी एमआईडीसी में टेक्सटाइल पार्क के लिए करीब 24 रुपए प्रति स्क्वेयर फीट की दर है। उसी दर पर भूमि उपलब्ध कराई जाए। इस विषय को लेकर यह प्रकल्प गत 6 माह से खटाई में पड़ा है।
सम्बंधित ख़बरें
अमरावती के रिहायशी इलाके में घुसा तेंदुआ, रामपुरी कैंप में मची दहशत, 7 घंटे बाद रेस्क्यू
Amravati: घर-घर पहुंचेंगे BLO, महाराष्ट्र में शुरू होगा मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण अभियान
Amravati :मनपा का बड़ा फैसला; सिटी बस सेवा को रॉयल्टी में छूट, नवंबर से दौड़ेंगी ई-बसे
पेपर लीक मामले पर विधायक बच्चू कडू का आक्रोशित बयान – हाथ काटने की मांग
डिफेंस कॉरिडोर में शामिल जिले
विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संरक्षण क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने के लिए शुरू की गई अति विशेष योजना के तहत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में भी डिफेंस कॉरिडोर निर्माण करने की घोषणा की है। इसमें विदर्भ से सावनेर, वर्धा, नागपुर के बाद अमरावती का भी समावेश किया गया है। यहां के उद्योगों की अपेक्षा है कि इस प्रकल्प में जो भी रुकावटें हैं, उन्हें दूर कर यह प्रकल्प अमरावती में जल्द शुरू किया जाए।
– सावनेर
– वर्धा
– नागपुर
– अमरावती
यह भी पढ़ें – Aviation Sector में पिछड़ता नागपुर, 15 दिन नहीं ‘साहब’ 4 साल से Cabinet Approval का इंतज़ार
शहर के विकास से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रकल्प
इस अनुसार टेंबो कंपनी ने यहां अपने महत्वपूर्ण प्रकल्प के लिए 100 एकड़ जमीन का प्रस्ताव दिया है। इसे करीब 6 माह का समय बीत चुका है, लेकिन एमआईडीसी की जमीन की दर को लेकर प्रस्ताव अटका हुआ है। नागरिकों की अपेक्षा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस तथा पालक मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले सहित जिले के जनप्रतिनिधि शहर की बढ़ती बेरोजगारी को ध्यान में रखते हुए इस शहर के विकास के लिए महत्वपूर्ण इस प्रकल्प को हर हाल में मान्यता देने हेतु प्रयास करें।
- 100 एकड़ जमीन प्रस्तावित
- 1,000 संभावित रोजगार
- 1,000 करोड़ प्रस्तावित निवेश
- 6 माह प्रकल्प लंबित की अवधि
सरकार से त्वरित निर्णय की मांग
एमआईडीसी एसोसिएशन के अध्यक्ष किरण पातुरकर ने इस संदर्भ में मुख्यमंत्री और पालक मंत्री से अनुरोध किया है कि टेंबो कंपनी की जमीन संबंधी मांग को मान्य किया जाना चाहिए। उन्होंने यह प्रस्ताव सरकार द्वारा मान्य होने का विश्वास व्यक्त किया है। इस बारे में चर्चा जारी है।
- नवभारत लाइव के लिए अमरावती से जीतेंद्र दोशी की रिपोर्ट
