भाषण नहीं, मुझे ‘एक्शन’ चाहिए…अजित पवार की वो आखिरी दहाड़! अमरावती के लिए किया था ये वादा
Ajit Pawar Last Speech: अमरावती में अजित पवार की वो आखिरी दहाड़! गुंडागर्दी को दी थी चेतावनी और बेलोरा एयरपोर्ट का किया था कायाकल्प। जानें उनके अंतिम भाषण की 5 बड़ी बातें।
- Written By: प्रिया जैस
अमरावती में अजित पवार (सौजन्य-नवभारत)
Ajit Pawar Death: उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन से जिले में शोक की लहर फैल गई है। एक विकासशील, मजबूत और स्पष्टवादी नेतृत्व के रूप में वे अमरावतीवासियों के दिलों में बसे थे। यहां की जनता की सुरक्षा से लेकर विकास तक के मुद्दों को उन्होंने अंतिम समय तक प्राथमिकता दी। 9 जनवरी को गाडगेनगर स्थित गाडगेबाबा समाधि मंदिर के सामने आयोजित सभा अजित पवार की अंतिम सार्वजनिक सभा साबित हुई।
उन्होंने केवल राजनीतिक भाषण नहीं दिया, बल्कि अमरावतीवासियों के मन में मौजूद भय, असुरक्षा और विकास की अपेक्षाओं पर सीधे शब्दों में बात की। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि दादागिरी, गुंडागर्दी और आतंक किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
भाषण नहीं, मुझे ‘एक्शन’ चाहिए
अजित पवार ने अमरावती के विकास को लेकर स्पष्ट रूप से कहा कि संभागीय केंद्र होने के बावजूद इस शहर का अपेक्षित विकास नहीं हो सका। यहां के विमानतल, उद्योग, रोजगार, सड़कें, पुल और आईटी हब जैसे बुनियादी ढांचे में पिछड़ापन दिखता है। उन्होंने यह भी बताया था कि मुझे काम करना पसंद है, सिर्फ भाषण नहीं, मुझे ‘एक्शन’ चाहिए। इस सभा में उन्होंने अधिकारियों को जिम्मेदारी का अहसास कराया और अमरावती के विकास और सुरक्षा के लिए अपने समर्पण का भरोसा दिलाया था। उनके निधन के बाद, यह शब्द अमरावतीवासियों के कानों में गूंज रहे हैं।
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हर समय उनका साथ मिला : राणा
विधायक रवि राणा तथा पूर्व सांसद नवनीत राणा ने पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि अजित पवार के मार्गदर्शन के साथ हर दम पूरा साथ मिला। उन्होंने भारी मन से श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके अचानक चले जाने की क्षतिपूर्ति नहीं हो सकती।
संतों की भूमि, जातिवाद को स्थान नहीं
उन्होंने अपने भाषण में किसी भी राजनीतिक संबोधन की बजाय एक मंझे हुए जेष्ठ नेता के तौर पर विकास के मुद्दे को लेकर दमदार भाषण दिया था। जो आज सभी को याद दिला रहा है। उस समय चुनाव के दौरान जातिवाद को लेकर आरोप प्रत्यारोप जारी थे। उन्होंने कहा था कि यह संतों की भूमि है, जिन्होंने हरदम जातीय प्रेम भाव बनाए रखने की बात कही थी। यहां जातिवाद को कोई स्थान नहीं। इसलिए इस बारे में कोई सोच न रखते सिर्फ विकासात्मक कार्यों पर उन्होंने जोर दिया था।
बेलोरा विमानतल का विकास
अमरावती स्थित बेलोरा विमानतल के उद्घाटन अवसर पर राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं अजित पवार, साथ ही पालकमंत्री चंद्रशेखर बावनकुले स्वयं विमान से बेलोरा विमानतल पहुंचे थे, यह अवसर अमरावती के हवाई संपर्क के लिए एक ऐतिहासिक क्षण रहा।
बेलोरा विमानतल के विकास में उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विशेष और निर्णायक भूमिका रही। लंबे समय से लंबित इस परियोजना से जुड़े मुद्दों को उनके समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया, जिस पर उन्होंने तत्परता से सकारात्मक कदम उठाए।
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खोडके दंपति के साथ गहरा संबंध राष्ट्रवादी कांग्रेस
पार्टी करता संजय खोडके और विधायक सुलभा खोडके के साथ अजित पवार के घनिष्ठ संबंध थे। उनके मार्गदर्शन में आयोजित एक चुनावी सभा में पवार ने अमरावती के लोगों के बीच ठान लिया था कि वे उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे। इस सभा ने न केवल अमरावती में राष्ट्रवादी कांग्रेस की ताकत और नेतृत्व को प्रदर्शित किया, बल्कि इसने अमरावतीवासियों के दिलों में पवार परिवार के लिए एक गहरा विश्वास भी पैदा किया।
पूर्व पालक मंत्री डॉ सुनील देशमुख ने वर्ष 2004 से 2009 तक राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री विलास देशमुख तथा अजित दादा की कैबिनेट में सिंचाई तथा वित्त राज्य मंत्री के रूप में काम करने का मौका मिला था। तब अजित पवार की कार्य करने की प्रभावशाली शैली, प्रशासनिक जानकारी, अधिकारियों पर वचक जैसे का अनुभव मिला। जिसका राजकीय जीवन में काफी फायदा मिला, उनका अचानक हादसे में इस तरह चले जाने का बहुत दुख है।
