फलों पर मौसम का मार! आम-अनार-संतरे के उत्पादन में भारी गिरावट का डर, किसानों की परेशानी बढ़ी
Fruit Crop: अकोला जिले में मौसम बदलने और बढ़ी नमी के कारण आम, अनार और संतरा बागानों पर रोगों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे उत्पादन घटने की आशंका है। किसान आर्थिक नुकसान को लेकर चिंतित हैं।
- Written By: आकाश मसने
अनार, आम व संतरा (सोर्स: सोशल मीडिया)
Weather Impact On Fruit Crops: अकोला जिले में पिछले कुछ दिनों से मौसम में बदलाव देखा जा रहा है। लगातार बादल छाए रहने और ठंड बढने तथा वातावरण में नमी बढ़ने से फलों की बागानों पर रोगों का प्रकोप बढ़ने लगा है। इस कारण आम, संतरा और अनार जैसे प्रमुख फलों के उत्पादन में गिरावट आने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
आम की फसल पर करपा और भुरी का प्रकोप
जिले के विभिन्न भागों में बड़े पैमाने पर आम की फसल होती है। यहां आम के बाग किसानों की आय का प्रमुख स्रोत हैं। लेकिन वर्तमान समय में बादल छाए रहने और मौसम में बदलाव के कारण आम की फसल पर करपा और भुरी जैसे रोगों का प्रकोप बढ़ रहा है। इन रोगों के कारण नई बौर और मोहोर झड़ने लगे हैं। इससे उत्पादन पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। किसानों का कहना है कि यदि मौसम की स्थिति इसी तरह बनी रही तो आम की पैदावार में भारी कमी हो सकती है।
अनार की फसल पर तेल्या रोग का असर
अकोला जिले में अनार की खेती भी बड़े पैमाने पर होती है। अनार की बागानों में इस समय तेल्या रोग का प्रकोप देखा जा रहा है। इस रोग के कारण फलों पर तेल जैसे धब्बे पड़ जाते हैं, जिससे उनकी गुणवत्ता प्रभावित होती है। परिणामस्वरूप बाजार में फलों को उचित भाव नहीं मिल पाता है। किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय पर रोग नियंत्रण के उपाय नहीं किए गए तो अनार उत्पादन में उल्लेखनीय गिरावट हो सकती है।
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संतरा उत्पादन पर भी संकट
अकोला जिले में संतरा उत्पादन भी महत्वपूर्ण है। लेकिन मौसम में बदलाव और लगातार नमी के कारण संतरा बागानों में भी रोगों का प्रकोप बढ़ने की संभावना है। इससे संतरा उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
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किसानों की चिंता बढ़ी
- मौसम में बदलाव और रोगों के बढ़ते प्रकोप से किसानों की चिंता बढ़ गई है। फलों की खेती में पहले ही लागत अधिक होती है और यदि उत्पादन घटा तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
किसानों का कहना है कि सरकार और कृषि विभाग को इस स्थिति पर तुरंत ध्यान देना चाहिए और रोग नियंत्रण के लिए आवश्यक - मार्गदर्शन तथा सहायता उपलब्ध करानी चाहिए। जिले में मौसम में आए बदलाव ने फलों की बागानों पर गंभीर असर डालना शुरू कर दिया है।
- आम पर करपा और भुरी, अनार पर तेल्या रोग और संतरा पर रोगों का खतरा बढ़ने से उत्पादन घटने की संभावना है। यदि समय रहते उपाय नहीं किए गए तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
- अकोला जिले में मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों ने फलों की खेती को संकट में डाल दिया है और आने वाले दिनों में उत्पादन घटने की आशंका स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।
