अकोला जलाशय में बढ़ा जलस्तर (सौजन्य-नवभारत)
Akola Dam: अकोला में अगस्त महीने में हुई जोरदार बारिश के चलते जिले के सभी प्रमुख जलाशयों में जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। बुधवार को भगवान श्रीगणेश के आगमन के साथ बारिश ने पुनः जोरदार दस्तक दी, जिससे जलस्रोतों में पानी की आवक बढ़ी है। बार्शीटाकली तहसील के महान गांव के निकट स्थित काटेपूर्णा जलप्रकल्प में बुधवार की शाम 5 बजे तक 91.29 प्रश जलसंचय दर्ज किया गया।
बांध के ऊपरी भाग में लगातार बारिश जारी रहने से इसके 100 प्रश भरने की संभावना जताई जा रही है। यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है, तो किसी भी समय बांध के दरवाजे खोलकर पानी का विसर्ग किया जा सकता है। इस जलसंचय से अकोला महानगरपालिका क्षेत्र के नागरिकों को पेयजल और किसानों को रबी सीजन में सिंचाई के लिए पानी मिलने की उम्मीद बंधी है।
अकोट तहसील में स्थित पोपटखेड जलप्रकल्प के जलग्रहण क्षेत्र में बुधवार को अच्छी बारिश हुई। सुरक्षा की दृष्टि से दोपहर 2 बजे इस बांध के दो दरवाजे 5 सेंटीमीटर ऊंचाई तक खोलकर 222.454 क्यूसेक पानी का विसर्ग नदी में शुरू किया गया। प्रशासन ने बताया कि जलग्रहण क्षेत्र से आने वाले पानी की मात्रा के अनुसार विसर्ग में आवश्यकतानुसार बदलाव किया जाएगा।
अकोला सिंचाई विभाग के अंतर्गत बार्शीटाकली तहसील में काटेपूर्णा और तेल्हारा तहसील में वान जैसे बड़े प्रकल्प हैं। इसके अलावा पातुर तहसील में मोर्ना, निर्गुणा, मुर्तिजापुर में उमा, घुंगशी बैरेज सहित जिले में कुल 24 लघु प्रकल्प हैं। इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता 354.28 दशलक्ष घनमीटर है। इनमें से मोर्ना और निर्गुणा पहले ही ओवरफ्लो हो चुके हैं, जबकि अन्य जलाशयों में भी संतोषजनक जलस्तर दर्ज किया जा रहा है।
तहसील | वर्षा (मिमी) |
---|---|
अकोट | 555.2 |
तेल्हारा | 466.7 |
पातुर | 619.8 |
अकोला | 458.5 |
बालापुर | 473.9 |
मुर्तिजापुर | 556.7 |
बार्शीटाकली | 507.4 |
कुल औसत | 512.2 |