अकोला में VBA का तीव्र प्रदर्शन, एपस्टीन फाइल में नाम आने पर पीएम मोदी और अनिल अंबानी के पुतले फूंके! मचा बवाल
Epstein Files India: एपस्टीन फाइल विवाद को लेकर अकोला में 'वंचित' का उग्र प्रदर्शन। पीएम मोदी, अनिल अंबानी और हरदीप पुरी की प्रतिमाओं का दहन। वंचित बहुजन आघाड़ी ने की इस्तीफे की मांग।
- Written By: प्रिया जैस
अकोला में वीबीए का प्रदर्शन (सौजन्य-नवभारत)
Vanchit Bahujan Aghadi Protest: जेफ्री एपस्टीन फाइल ने विश्वभर में सनसनी फैला दी है। इस फाइल में बाल यौन शोषण, मानव तस्करी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कथित रूप से जुड़े कई नाम सामने आए हैं। अमेरिकी न्याय विभाग ने 30 जनवरी 2026 को कुछ दस्तावेज सार्वजनिक किए, जिनमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उद्योगपति अनिल अंबानी और केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का उल्लेख होने से देश की छवि पर प्रश्नचिह्न खड़ा हुआ है।
एपस्टीन फाइल में बताया गया है कि एपस्टीन ने अपने निजी द्वीप पर कई नामचीन व्यक्तियों के साथ अमानवीय कृत्य किए। इसमें लगभग दो लाख तस्वीरें और दो हजार से अधिक वीडियो शामिल हैं। इन खुलासों ने विश्वभर में आक्रोश पैदा किया है और कई देशों में नेताओं को इस्तीफा देना पड़ा है। भारत में भी इस फाइल में नाम आने से राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
अकोला जिलाधिकारी कार्यालय के सामने वंचित बहुजन आघाड़ी ने जोरदार प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अनिल अंबानी और हरदीप सिंह पुरी की प्रतीकात्मक प्रतिमाओं की होली कर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि प्रधानमंत्री तुरंत पद से इस्तीफा दें और देश की छवि को कलंकित न करें।
सम्बंधित ख़बरें
अकोला तहसील ने सबसे पहले पूरी की घरगणना, तहसीलदार कुणाल झाल्टे सम्मानित
अकोला में भव्य बीज महोत्सव 2026 संपन्न, हजारों किसानों को मिला गुणवत्तापूर्ण बीज
Akola GMC में व्हीलचेयर-स्ट्रेचर संकट पर बवाल, मरीज को पीठ पर ढोने की घटना से गरमाई राजनीति
अकोला के वीर सपूत प्रवीण जंजाल को मरणोपरांत कीर्ति चक्र, राष्ट्रपति ने पत्नी और माता को सौंपा सम्मान
यह भी पढ़ें – खापरखेड़ा-कोराड़ी रोड पर कत्लेआम! पत्नी ने पर्स से निकाला सत्तूर, पति ने सरेराह उतारा प्रेमी को मौत के घाट
आंदोलन का महत्व
इस आंदोलन ने स्पष्ट किया कि जनता अब पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रही है। एपस्टीन फाइल में नाम आने से देश की प्रतिष्ठा को जो आघात पहुँचा है, उसके विरोध में वंचित बहुजन आघाड़ी ने तीव्र स्वर में अपनी नाराज़गी व्यक्त की। अकोला में हुए आंदोलन ने एपस्टीन फाइल के मुद्दे को स्थानीय स्तर पर भी गरम कर दिया है और सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है।
