अमृत योजना: शहर के हर 30 मीटर पर चेंबर, लेकिन कब जुड़ेगें शौचालय?
भूमिगत मलजल निकासी परियोजना का काम अमृत योजना के अंतर्गत तेजी से शुरु हो गया है। जिसके कारण चेंबर जोड़ने का काम पूरा होने के बाद इससे जुड़े रास्तों की मरम्मत की जाएगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
अमृत योजना (सौ. सोशल मीडिया )
Akola News In Hindi: अमृत योजना के अंतर्गत भूमिगत मलजल निकासी परियोजना का कार्य शहर में तेजी से जारी है। फिलहाल रस्ते के मध्य भाग में बिछाई गई मुख्य मल जलवाहिनी से तीन से चार घरों के निरीक्षण चेंबरों को जोड़ा जा रहा है।
चेंबर जोड़ने का कार्य पूर्ण होने के बाद संबंधित मार्गों की मरम्मत की जाएगी। सरकार ने इस योजना के दूसरे चरण के पहले हिस्से के लिए 683 करोड़ के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। प्रशासन द्वारा आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के बाद कार्य प्रारंभ किया गया है, जिसमें छोटे-बड़े मार्गों की खुदाई शामिल है।
जिन क्षेत्रों में सर्विस गलियां संकरी हैं, वहां मुख्य सड़क के मध्य में मल जलवाहिनी बिछाई जा रही है। हर 30 मीटर पर एक चेंबर बनाया गया है, जिसमें दोनों ओर के घरों का गंदा पानी एकत्र कर मुख्य चेंबर में प्रवाहित किया जाएगा। मनपा ने 735 करोड़ का सड़क मरम्मत प्रस्ताव सरकार को भेजा है, जिसे अभी प्रशासनिक मंजूरी नहीं मिली है।
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भूमिगत गटर योजना कार्य के कारण पूर्व स्वीकृत 86 करोड़ रु के सड़क कार्यों को फिलहाल रोका गया है। इसी मार्ग पर मल जलवाहिनी बिछाई जा रही है, जिससे मरम्मत कार्य शीघ्र हो सके। हालांकि, फिलहाल शौचालयों को पाइप से नहीं जोड़ा जाएगा। यह कार्य अंतिम चरण में किया जाएगा।
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स्लम एरिया में पाइप जोड़ना चुनौतीपूर्ण
स्लम क्षेत्रों में पाइप जोड़ने की चुनौती जिन क्षेत्रों में सर्विस गलियां 5 से 7 फीट चौड़ी हैं, वहां मल जलवाहिनी गलियों से होकर गुजरेगी। लेकिन स्लम सहित ऐसे स्थान जहां गलियां केवल 3 फीट चौड़ी हैं, वहां पाइप लाइन सड़क से होकर बिछाई जाएगी। इन क्षेत्रों में हजारों नागरिकों ने प्लॉट में कोई खुली जगह छोड़े बिना पूर्ण निर्माण कर लिया है, जिससे शौचालय पाइप को मुख्य मल जलवाहिनी से जोड़ना एक बड़ी चुनौती बन गया है। यह कार्य प्रशासन और नागरिकों के समन्वय से ही सफलतापूर्वक पूर्ण हो सकेगा।
