Akola News: दशहरा बाजार सुना-सुना, Gold-Silver की चमक लोगों की पहुंच से बाहर

हिंदु मान्यता के अनुसार, विजयादशमी को सोना खरीदने के लिए सबसे शुभ मुहुर्त माना जाता है। इस साल Akola के ज्वेलरी शोरूम में भीड़ का नामों निशान नहीं था। Gold Rate 1 लाख के पार होने के कारण खरीदी घटी है।
Gold And Silver
प्रतीकात्मक तस्वीर
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Akola News In Hindi: विजयादशमी (दशहरा) के अवसर पर लोगों का झुकाव सोने, चांदी के सिक्कों, गहनों की खरीदी की तरफ रहता है। सोने, चांदी की ज्वेलरी के सभी प्रतिष्ठानों में विजयादशमी के अवसर पर भारी भीड़ देखी जाती है। लेकिन इस वर्ष लोगों की भीड़ शहर के विभिन्न शोरुम में नहीं देखी गयी। देखा जाए तो सोना और चांदी दोनों जन सामान्य की पहुंच से दूर होते हुए देखे जा रहे हैं।

सोना 1 लाख 20 हजार रु

इस समय जीएसटी के साथ सोने के दाम 1 लाख 20 हजार रु। प्रति दस ग्राम हो गए हैं। इस तरह अब यदि किसी को 5 ग्राम का भी सोने का सिक्का खरीदना हो तो उसके दाम 60 हजार रु। से अधिक ही उसे देने पड़ेंगे। इसी तरह यदि एक ग्राम सोना भी खरीदना हो तो 12,000 रु। देने पड़ेंगे। इस तरह अब जन सामान्य के लिए सोना खरीदना आसान नहीं है। चांदी की चमक बढ़ी

दाम डेढ़ लाख रु किलो

इस समय यहां पर चांदी के दाम डेढ़ लाख रु किलो पर आ गए हैं। इस तरह अब चांदी की चमक काफी बढ़ गयी है। पिछले छह माह में चांदी के दाम दोगुने हो गए हैं। दशहरे के अवसर पर लोग 5 और 10 ग्राम के चांदी के सिक्के खरीदना शगुन मानते हैं। इस समय 10 ग्राम का चांदी का सिक्का 1500 रु। तथा 5 ग्राम के सिक्के की कीमत 750 रु के लगभग हो गयी है। इस तरह अब चांदी के सिक्के खरीदना भी आसान नहीं है। लोग दशहरे पर सोने के सिक्के तथा धनतेरस पर सोने और चांदी के सिक्के या गहने अपने बजट के अनुसार खरीदते हैं। लेकिन दाम बढ़ने से इस बार की परिस्थिति अलग है।

अस्थिरता के कारण सोने के दाम बढ़े: खंडेलवाल

इस बारे में स्थानीय खंडेलवाल अलंकार केंद्र के संचालक, विधायक वसंत खंडेलवाल से बातचीत करने पर उन्होंने कहा कि, विदेशी निवेश सोने में करने, इसी तरह विभिन्न देशों की नीतियों में अस्थिरता के कारण सोने के दाम बढ़े हैं ऐसा लगता है। आनेवाले समय में यदि स्थिरता का वातावरण निर्माण होता है तो दामों में कमी आने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो सराफा के लोकल व्यापार में सुधार आ सकता है। इस तरह की स्थिति सिर्फ भारत में नहीं बल्कि अन्य कई देशों में देखी जा सकती है। उनसे पूछने पर उन्होंने कहा कि, यह बात सही है कि इस बार विजयादशमी पर सोने, चांदी के व्यापार का टर्न ओवर काफी कम हुआ है।

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