अकोला में हर चौक पर आवारा पशुओं का कब्ज़ा, सड़क पर बैठे बैल-गाय से यातायात ठप
Akola में आवारा पशुओं ने नागरिकों के साथ ही प्रशासन के लिए भी मुसीबत खड़ी कर दी है। आपको बता दें कि शहर के हर गली और चौराहों पर पशुओं की उपस्थिति ने यातायात व्यवस्था को ठप कर दिया है।
- Written By: अपूर्वा नायक
आ्रवारा पशु (सौ. सोशल मीडिया )
Akola News In Hindi: शहर में आवारा पशुओं की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। हर चौक और मुख्य मार्ग पर गाय, बैल और भैंस जैसे पशु खुलेआम घूमते नजर आते हैं, जिससे यातायात बाधित हो रहा है और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है।
अकोला महानगरपालिका ने इस समस्या से निपटने के लिए एक विशेष टीम गठित की है, जिसने अब तक 87 पशुओं को पकड़कर कांजीहाउस (पशु आश्रय स्थल) में रखा है। चूंकि इन पशुओं को छुड़ाने कोई नहीं आया, इसलिए उन्हें म्हैसपुर स्थित गोरक्षण संस्था को सौंप दिया गया है।
रास्तों पर बैठने से यातायात बाधित, दुर्घटनाओं में वृद्धि
शहर के राजकमल चौक, संतोषी माता मंदिर चौक, जठारपेठ चौक, सिंधी कैंप मार्ग, कौलखेड चौक, जय हिंद चौक, पोला चौक, वाशिम बायपास, जवाहर नगर चौक, तुकाराम चौक, उमरी मार्ग और जिलाधिकारी कार्यालय मार्ग पर अक्सर आवारा पशु सड़क के बीचोंबीच बैठे रहते हैं। इससे वाहन चालकों को परेशानी होती है और कई बार अचानक सामने आ जाने से दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। विशेषकर दोपहिया वाहन चालकों को अधिक खतरा है।
सम्बंधित ख़बरें
Purple Foods For Daily Diet: आपकी प्लेट में क्यों होनी चाहिए बैंगनी रंग की जगह? जानें 10 सबसे पौष्टिक फूड्स
Navabharat Nishanebaaz: मंत्री पर आई नई जिम्मेदारी, बना एक और विभाग का प्रभारी
Jaya Parvati Vrat: जया पार्वती व्रत इस कथा के बिना है अधूरा, ज़रूर करें पाठ, मनोकामनाएं होंगी पूरी
CRPF Foundation Day: सिर्फ आंतरिक सुरक्षा नहीं, युद्ध से आपदा तक हर मोर्चे पर देश की ढाल है CRPF, जानिए इतिहास
दूकानदार और ग्राहक भी परेशान
गांधी चौक, तिलक रोड, अनिकट मार्ग जैसे व्यस्त बाजार क्षेत्रों में भी इन पशुओं का जमावड़ा देखा जा रहा है। दूकानदारों की शिकायत है कि ये पशु ग्राहकों की थैलियों में मुंह डालते हैं, सब्जी की गाड़ियों को नुकसान पहुंचाते हैं और कभी-कभी आक्रामक भी हो जाते हैं। नागरिकों ने प्रशासन से इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है।
शहर में दुर्गंध का फैलाव, स्वास्थ्य पर असर
इन पशुओं को नागरिकों द्वारा घर का बचा हुआ भोजन दिया जाता है, जिससे वे लगातार शहर में घूमते रहते हैं। उनके मल-मूत्र से सड़कों पर गंदगी फैल रही है और दुर्गंध के कारण नागरिकों को असहनीय स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। बाजार क्षेत्रों में यह समस्या और भी गंभीर हो गई है।
ये भी पढ़ें :- पुणे का दगडूशेठ गणपति बना ग्लोबल सेंटर ऑफ फेथ, 50 लाख भक्त कर रहें ऑनलाइन दर्शन
पशु पकड़ने के लिए विशेष टीम तैनात
अकोला मनपा अधीक्षक अनिल बिडवे के अनुसार, शहर के विभिन्न चौकों में आवारा पशुओं को पकड़ने के लिए विशेष टीम तैनात की गई है। पकड़े गए पशुओं को सात दिनों तक कांजीहाउस (कोंडवाडा) में रखा जाता है। यदि इस अवधि में कोई उन्हें छुड़ाने नहीं आता, तो उन्हें म्हैसपुर स्थित गोरक्षण संस्था को सौंप दिया जाता है।
