भंडारा एसटी डिपो हादसा: यांत्रिकी कर्मचारी तत्काल प्रभाव से निलंबित, सुरक्षा गार्ड के खिलाफ जांच शुरू
Bhandara News: भंडारा में राज्य परिवहन निगम के डिपो में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें पिता और बेटे की मौत हो गई। प्रशासन ने यांत्रिकी कर्मचारी को निलंबित कर दिया है और जांच शुरू कर दी है।
Bhandara ST Depot Accident: राज्य परिवहन निगम एसटीके डिपो में गुरुवार को एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। वर्कशॉप के भीतर रिवर्स ली जा रही एक बस की चपेट में आने से पिता और उनके मासूम बेटे की मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने डिपो परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए एक यांत्रिकी कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।नियमों के मुताबिक, एसटी डिपो के भीतर किसी भी बाहरी व्यक्ति या निजी वाहन का प्रवेश पूरी तरह वर्जित है।
इसके बावजूद रोहित खेडकर और उनका मासूम बेटा अपनी बाइक लेकर सीधे वर्कशॉप कार्यशाला तक पहुँच गए। सीसीटीवी फुटेज से साफ हुआ है कि डिपो प्रशासन के लापरवाह रवैये के कारण यह हादसा हुआ। वरिष्ठ अधिकारियों ने इस सुरक्षा चूक पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है और जांच का दायरा बढ़ा दिया है।बताया जा रहा है कि रोहित खेडकर अक्सर डिपो में पानी के केन पहुँचाने का काम करते थे।
सुरक्षा रक्षक उनसे परिचित थे, जिसके कारण उनके आनेजाने की कोई आधिकारिक एंट्री नहीं की जाती थी। इसी जानपहचान और लापरवाही के चलते गार्ड ने उन्हें बाइक के साथ उस संवेदनशील क्षेत्र में जाने दिया जहाँ बसों की मरम्मत का काम चल रहा था। वहां बस को रिवर्स लेते समय चालक उन्हें देख नहीं सका और दोनों पितापुत्र बस के पिछले पहियों के नीचे आ गए।
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विभागीय कार्रवाई और जांच के आदेश हादसे के बाद विभागीय नियंत्रक नीलेश बेलसरे ने तत्काल कदम उठाते हुए प्रथम दृष्टया जिम्मेदार पाए गए यांत्रिकी कर्मचारी के निलंबन का आदेश शुक्रवार को जारी किया। इसके साथ ही प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षा गार्ड की भूमिका की भी विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, वर्कशॉप में तैनात अन्य कर्मचारियों पर भी गाज गिर सकती है, क्योंकि बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर वहां मौजूद किसी भी कर्मचारी ने आपत्ति नहीं जताई थी।
