अंजनगांव सुर्जी मंडी में हमालों की हड़ताल से कारोबार ठप; लू से हमाल बेहोश, अव्यवस्था पर भड़का गुस्सा
Amravati News: अंजनगांव सुर्जी कृषि उपज बाजार समिति में लू लगने से एक हमाल के बेहोश होने के बाद काम बंद आंदोलन शुरू हो गया। भीषण गर्मी और छांव की कमी के कारण हमालों ने प्रशासन के खिलाफ रोष व्यक्त किया
Farmers Issues Amravati: अंजनगांव सुर्जी की कृषि उपज बाजार समिति इन दिनों पूरी तरह अव्यवस्था का शिकार होती नजर आ रही है। संचालक मंडल के अपात्र घोषित होने के ठीक दूसरे दिन ही बाजार समिति में गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई।
भीषण गर्मी के चलते एक हमाल के बेहोश होकर गिरने के बाद हमालों ने काम बंद आंदोलन छेड़ दिया, जिससे बाजार में खरीदबिक्री के सभी काम ठप हो गए। फोटो मंडी1,2। शनिवार को साप्ताहिक बाजार के चलते गेहूं और अन्य अनाज की भारी आवक थी। सुबह से ही किसानों और व्यापारियों की भीड़ उमड़ी हुई थी।
इसी दौरान करीब 11 बजे हमाली का काम कर रहे अब्दुल जुनैद 31 तेज गर्मी के कारण लू लगने से बेहोश होकर गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना के बाद हमालों का गुस्सा भड़क उठा।
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उन्होंने आरोप लगाया कि बढ़ते तापमान को देखते हुए पहले ही बाजार समिति से यार्ड में छाया के लिए नेट लगाने की मांग की गई थी, लेकिन प्रशासन ने इसे नजरअंदाज किया। इसके विरोध में हमालों ने साफ कह दिया कि जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिलता, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे।
स्थिति और भी गंभीर तब हो गई जब हमाल कार्यालय पहुंचे तो वहां कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था। समिति में केवल दो स्थायी कर्मचारी हैं और प्रभारी सचिव छुट्टी पर होने के कारण पूरा कामकाज ठप हो गया। इससे किसानों का माल तौलने और भराई का काम रुक गया, और उन्हें तेज धूप में घंटों इंतजार करना पड़ा।
आखिरकार व्यापारी विजुभाऊ भांबुरकर, जगदीश शेळके, मोहम्मद सिद्दीक और संजय चोरे ने पहल कर स्थिति को संभाला। बातचीत के बाद यह तय हुआ कि यदि जल्द नेट नहीं लगाया गया, तो अगले दिन से सुबह 8 से 11 बजे तक ही काम किया जाएगा। इस समझौते के बाद दोपहर करीब ढाई बजे हमालों ने काम दोबारा शुरू किया।
इस पूरे घटनाक्रम ने बाजार समिति की बदहाल व्यवस्था को उजागर कर दिया है। संचालक मंडल के अपात्र होने के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा प्रशासक की नियुक्ति नहीं किए जाने से स्थिति और बिगड़ गई है। कर्मचारियों की कमी और जिम्मेदार अधिकारियों के अभाव में समिति का कामकाज पूरी तरह चरमरा गया है।
बाक्स प्रशासन तत्काल ध्यान दें। प्रशासक के अभाव में बाजार समिति में कोई जिम्मेदार व्यक्ति मौजूद नहीं है। यदि हमने मध्यस्थता नहीं की होती, तो किसानों और हमालों के बीच बड़ा विवाद खड़ा हो सकता था। प्रशासन को इस मामले में तत्काल ध्यान देना चाहिए।
