पूर्णा सिंचाई प्रकल्प को मिली नई दिशा, मार्च 2027 तक किसानों को मिलेगा सिंचाई का पानी
Purna Irrigation Project: पूर्णा प्रकल्प अकोला जिले का एक महत्वपूर्ण सिंचाई प्रकल्प है, जिसका लाभ क्षेत्र 8,693 हेक्टेयर है। यह प्रकल्प किसानों की फसलों में सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है।
- Written By: प्रिया जैस
पूर्णा सिंचाई प्रकल्प (सौजन्य-सोशल मीडिया)
Akola News: अकोला में पिछले पांच वर्षों से रुका हुआ पूर्णा सिंचाई प्रकल्प अब गति पकड़ चुका है। पंपगृह और वितरण नलिका का निर्माण कार्य जलसंपदा विभाग द्वारा विशेष नियोजन के तहत तेज़ी से शुरू किया गया है। यह कार्य राज्य सरकार की ’75 प्रश निधि’ और केंद्र सरकार की ‘बलीराजा जलसंजीवनी योजना’ के तहत 25 प्रश आर्थिक सहयोग से किया जा रहा है।
सिंचाई क्षेत्र को मिलेगा लाभ
पूर्णा प्रकल्प अकोला जिले का एक महत्वपूर्ण सिंचाई प्रकल्प है, जिसका लाभ क्षेत्र 8,693 हेक्टेयर है। प्रकल्प के अंतर्गत 16 किमी उर्ध्वगामी नलिका निर्माण की योजना है, जिसमें से 12 किमी का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। शेष 4 किमी और वितरण नलिका का कार्य 2026 की दिवाली तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस कार्य में जलसंपदा विभाग, यांत्रिकी विभाग और जल विज्ञान विभाग की संयुक्त भागीदारी है।
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अधीक्षक अभियंता मेघा आक्केवार और कार्यकारी अभियंता चिन्मय वाकोडे के मार्गदर्शन में सूक्ष्म नियोजन किया गया है। 2009 में शुरू हुए इस प्रकल्प में 2019 में जलसंचय हुआ था, लेकिन पंपगृह और नलिका निर्माण में देरी के कारण किसानों को सिंचाई का पानी नहीं मिल पाया।
मार्च 2027 तक मिलेगा सिंचाई का लाभ
मार्च 2027 तक प्रकल्प को पूर्ण करने के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इससे खरीफ और रबी सीजन में किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध होने की उम्मीद जताई जा रही है। आवश्यकतानुसार पुलिस सुरक्षा में कार्य जारी है, जिससे निर्माण कार्य बिना बाधा के पूरा किया जा सके।
