अकोला में 223 ग्राम पंचायतों के चुनाव की तैयारी शुरू, ओबीसी आरक्षण पर संशय बरकरार
Akola OBC News: अकोला की 223 ग्राम पंचायतों में प्रभाग रचना प्रक्रिया शुरू, ओबीसी आरक्षण और 'ट्रिपल टेस्ट' के चलते चुनाव पर संशय बरकरार; कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रशासक नियुक्त होने की संभावना है।
- Written By: रूपम सिंह
ओबीसी आरक्षण ( सोर्स: सोशल मीडिया)
Local Body Polls Maharashtra News: महाराष्ट्र राज्य चुनाव आयोग के निर्देशानुसार जिले में ग्राम पंचायतों की प्रभाग रचना का कार्यक्रम आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया गया है। 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2026 के बीच जिले की लगभग 223 ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।
चुनाव विभाग ने समय पर चुनाव कराने की तैयारी शुरू कर दी है और नागरिकों से प्रभाग रचना पर आपत्तियां व सुझाव मांगे गए हैं। हालांकि इस प्रक्रिया के साथ ही राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या जिले में फिर से प्रशासक राज लागू होगा।
वर्तमान में चल रहा प्रशासक राज
वर्तमान में अकोला जिला परिषद और पंचायत समितियों पर प्रशासक कार्य देख रहे हैं। यदि ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर चुनाव समय पर नहीं हो पाए, तो ग्राम पंचायतों में भी कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त किए जाने की संभावना है। जिलाधिकारी कार्यालय की चुनाव शाखा के अनुसार आगामी चुनावों के लिए प्रभाग रचना का प्रारंभिक मसौदा तैयार करना, सीमाएं तय करना और अनुसूचित जाति, जनजाति व महिलाओं के लिए आरक्षण की लॉटरी निकालने का काम शुरू किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और इच्छुक उम्मीदवारों ने अभी से मोर्चेबंदी शुरू कर दी है।
सम्बंधित ख़बरें
आदित्य ठाकरे का महाराष्ट्र सरकार पर बड़ा हमला, डॉक्टर पिटाई से लेकर UCC तक लगाए गंभीर आरोप-VIDEO
जब तक न्याय नहीं, तब तक बाहर जाना बंद! बीज धोखाधड़ी के खिलाफ NCP का अकोला में जोरदार आंदोलन
Akola News: अकोला में जंगली सूअर के हमले से किसान गंभीर घायल, इलाज जारी
Akot Palkhi: भक्ति और सेवा का संदेश देती संत वासुदेव महाराज की पालकी पंढरपुर की ओर अग्रसर
ये भी पढ़ें:- अकोला में 21 लाख की सनसनीखेज चोरी का पर्दाफाश; पड़ोस की युवती ही निकली मास्टरमाइंड, 4 आरोपी गिरफ्तार
ओबीसी आरक्षण का लंबित पेच
- ओबीसी आरक्षण का लंबित पेच का मुद्दा अब भी अधर में है। अकोला जिला परिषद और उसके अंतर्गत आने वाली सात पंचायत समितियों के चुनाव लंबे समय से अटके हुए हैं।
- सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुसार आरक्षण की सीमा 50 प्रश से अधिक नहीं हो सकती और ट्रिपल टेस्ट की शर्तों के कारण स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों का संकट बढ़ गया है।
- जब तक जिला परिषद चुनावों पर ठोस निर्णय नहीं होता, तब तक ग्रामपंचायतों में ओबीसी आरक्षण कैसे लागू होगा, यह सवाल बना हुआ है।
तहसीलनिहाय ग्राम पंचायतें
| तहसील | ग्राम पंचायतों की संख्या |
| अकोट | 38 |
| बालापुर | 37 |
| अकोला | 36 |
| तेल्हारा | 33 |
| मुर्तिजापुर | 29 |
| बार्शीटाकली | 27 |
| पातुर | 23 |
