Akola News: मन नदी में दो लोगों की डूबकर मौत, पातुर तहसील के तुलंगा बु. गांव की घटना
Patur River Accident: अकोला जिले के पातुर तहसील स्थित तुलंगा बु. गांव में मन नदी में नहाने गए दो लोगों की डूबने से मौत हो गई। नागरिकों ने प्रशासन से खतरनाक स्थानों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने की अपील की है
Patur River Accident (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)
Akola Accident News: पातुर तहसील के तुलंगा बु. गांव में शुक्रवार की दोपहर लगभग चार बजे मन नदी में नहाने गए चार लोगों में से दो की पानी में डूबकर मौत हो गई। मृतकों की पहचान दिलीप मुंडे 35, निवासी तुलंगा बु. और अजाबराव तायडे 52, निवासी चिखलगांव के रूप में हुई है। दोनों व्यक्तियों के पीछे दोदो छोटे बच्चे हैं, जिससे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा है।
चार लोग नदी में स्नान करने गए थे। उनमें से दो बाहर निकल आए, लेकिन दिलीप मुंडे को तैरना नहीं आता था। उसे बचाने के प्रयास में अजाबराव तायडे भी गहरे पानी में फंस गए और दोनों की डूबकर मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही नदी किनारे बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हो गए।
दो घंटे तक चला रेस्क्यू अभियान
चान्नी पुलिस स्टेशन के थानेदार रविंद्र लांडे, पुलिस उपनिरीक्षक विजय घुगे, पुलिस कर्मचारी सुधाकर करवते, अनिल सोलंके, निवानंद स्वामी, पुलिस पाटिल अशोक तायडे, गजानन घुगे, नितिन गवई, राजस्व अधिकारी तथा संत गाडगे बाबा आपत्ति व्यवस्थापन पथक के सदस्य शेखर केवट, प्रतीक बोरसे, हरीश जुमले आदि ने ग्रामीणों के सहयोग से लगभग दो घंटे तक रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों शव बाहर निकाले।
सम्बंधित ख़बरें
‘AIMIM है नई मुस्लिम लीग!’ निदा खान की गिरफ्तारी के बाद किरीट सोमैया का सबसे बड़ा प्रहार
नागपुर में सौतेले बेटे ने माँ को बनाया हवस का शिकार, गर्भवती होने पर पति बोला, इज्जत बचाओ, चुप रहो
कंपनियों में धर्मांतरण बर्दाश्त नहीं! निदा खान की गिरफ्तारी पर बोली चित्रा वाघ, दी सख्त चेतावनी
Watermelon Death Case: हंसमुख स्वभाव व मिलनसार व्यवहार.., डोकाडिया परिवार के बारे में पड़ोसियों ने क्या कहा?
ये भी पढ़े: Pune Municipal Corporation का बड़ा फैसला, 1000 वर्ग फुट तक के अवैध घरों पर लगेगा सामान्य टैक्स
चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
प्रशासन की अपील गर्मी के दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में लोग नदीनालों में स्नान करने जाते हैं। लेकिन कई बार पानी की गहराई का अंदाजा न होने से हादसे हो जाते हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि तैरना नहीं आता या पानी की गहराई का अंदाजा नहीं है तो नदी में न उतरें। शांत दिखने वाले पानी के नीचे गहरे डोह या भोवरे हो सकते हैं। सुरक्षा उपायों की मांग इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नदी के खतरनाक स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
