Akola Farmers: किसानों के सहकार से ही कृषि अर्थव्यवस्था की मजबूती संभव है. यह विचार प्रसिद्ध लेखक, वक्ता, अर्थशास्त्रीय संशोधक तथा शिवाजी कला व वाणिज्य महाविद्यालय, अमरावती के प्रा.प्रशांत हरमकर ने प्रकट किए.
वे यहां पीडीकेवी में आयोजित पंजाबराव देशमुख के 61वें स्मृति दिवस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे. उन्होंने पंजाबराव देशमुख के जीवनकार्य पर प्रकाश डालते हुए गट खेती, कृषक समाज की स्थापना, सहकार से उद्योग उभार, युवाओं को आधुनिक खेती का प्रशिक्षण और राजनीति से मुक्त किसान संगठन की आवश्यकता जैसे विचारों को विस्तार से समझाया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उप कुलपति शरद गडाख ने मॉडेल विलेज की संकल्पना के माध्यम से उत्पादन खर्च कम करने, यंत्रीकरण को बढ़ावा देने और ग्राम स्तर पर प्रक्रिया उद्योगों का विस्तार कर शाश्वत खेती के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया. प्रास्तावणा में विस्तार शिक्षा संचालक धनराज उंदीरवाडे ने पंजाबराव देशमुख के जीवनकार्य को दीपस्तंभ बताया.
कार्यक्रम में शामसुंदर माने, देवानंद पंचभाई, सुरेंद्र कालबांडे, अरविंद सोनकांबले, कुप्रीती रोडगे उपस्थित रहे. सहयोगी अधिष्ठाता संजय भोयर, शैलेश हरणे, राजेंद्र काटकर, निशांत शेंडे सहित वरिष्ठ वैज्ञानिक, अधिकारी और विद्यार्थी वर्ग ने सहभाग लिया. संचालन व आभार प्रदर्शन जनसंपर्क अधिकारी किशोर बिडवे ने किया.