अकोला में पॉश एक्ट कार्यशाला, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कही ये बड़ी बात
NCW Chief Akola Visit: अकोला में पॉश कार्यशाला में महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने ICC को सक्रिय व जवाबदेह बनने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला सुरक्षा और नियमित ऑडिट पर जोर दिया।
- Written By: केतकी मोडक
राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष विजया रहाटकर अकोला दौरे पर (सोर्स- फोटो नवभारत)
National Commission For Women Chief Vijaya Rahatkar: प्रत्येक कार्यस्थल महिलाओं के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और समान अवसर उपलब्ध कराने वाला होना चाहिए। अकोला में महिलाओं को भयमुक्त एवं भेदभावरहित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कार्यस्थलों पर गठित आंतरिक शिकायत समितियों (आईसीसी) को अधिक सक्रिय, संवेदनशील और जवाबदेह बनते हुए पॉश (कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना चाहिए। यह बात राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने अकोला जिला नियोजन भवन में आयोजित पॉश कानून विषयक कार्यशाला में कही।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी वर्षा मीना, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनय नावंदर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दिगंबर दाभाडे, पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक, राष्ट्रीय महिला आयोग के उपनिदेशक रामावतार सिंह, नंदिता प्रधान तथा मनपा आयुक्त डॉ. सुनील लहाने सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
गंभीरता से हो धाराओं का पालन
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रहाटकर ने कहा कि सरकारी, निजी, संगठित और असंगठित सभी क्षेत्रों में पॉश कानून की सभी धाराओं का गंभीरता से पालन किया जाना चाहिए। कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम के प्रावधानों को सरकारी, निजी, संगठित और असंगठित क्षेत्रों में हर जगह सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।
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कानून के प्रति जागरूक करें
इसके लिए आंतरिक शिकायत समितियों को प्रभावी ढंग से कार्य करना होगा तथा कर्मचारियों में कानून के प्रति नियमित जनजागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निवारण की प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध होनी चाहिए, ताकि पीड़ित महिलाओं को शीघ्र न्याय मिल सके और कार्यस्थलों पर विश्वास का वातावरण कायम रहे। उन्होंने संस्थानों में समय-समय पर पॉश कानून के अनुपालन का ऑडिट कराने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम की प्रस्तावना अकोला जिलाधिकारी वर्षा मीना ने प्रस्तुत की। कार्यशाला में अकोला जिले के विभिन्न सरकारी एवं निजी संस्थानों की आंतरिक शिकायत समितियों के अध्यक्ष, सदस्य तथा संबंधित अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
