

Monsoon Negligence Mumbra Girl Electrocuted: महाराष्ट्र में मानसून 2026 की शुरुआत किसी आपदा से कम नहीं रही है। मूसलाधार बारिश ने न केवल जनजीवन अस्त-व्यस्त किया है, बल्कि प्रशासनिक ढिलाई के कारण मासूम जिंदगियां भी काल के गाल में समा रही हैं। मुंबई से लेकर ठाणे तक, सड़कों पर मौत का तांडव जारी है।
हादसों का यह सिलसिला मुंबई के चेंबूर से शुरू हुआ, जहां एक दिल दहला देने वाली घटना में मासूम विहान की मौत हो गई। स्कूल बस पर एक भारी पेड़ गिर जाने के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। इस मामले में बीएमसी ने असिस्टेंट गार्डन सुपरिटेंडेंट को निलंबित कर कड़ी कार्रवाई तो की, लेकिन एक परिवार ने अपना चिराग खो दिया। अब ठाणे के मुंब्रा से भी ऐसी ही दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसमें एक 17 वर्षीय मासूम लड़की की जान चली गई।
अभी इस घटना का दुख कम भी नहीं हुआ था कि मुंबई के खैरानी रोड इलाके में एक और भयावह हादसा सामने आया। यहां 55 वर्षीय असलम इस्हाक शेख की मौत एक खुले मैनहोल में गिरने से हो गई। बताया जा रहा है कि रखरखाव के काम के लिए टेंडर कर्मचारियों ने मैनहोल का ढक्कन हटाया था, लेकिन वहां सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे। मोबाइल पर बात करते हुए जा रहे असलम अनजाने में उस मौत के गड्ढे में गिर गए। इस मामले में लापरवाही की पराकाष्ठा देखते हुए मेयर ने चार अधिकारियों को निलंबित करने और पीड़ित परिवार को ₹10 लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया है।
मुंबई के इन जख्मों के बीच अब ठाणे के मुंब्रा से एक और रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। मुंब्रा के यास्मीन पार्क स्थित कादर पैलेस में भारी बारिश के दौरान जलभराव हो गया था। इसी इमारत की बी-विंग में रहने वाली 17 वर्षीय आलिया चांदीवाला किसी काम से घर के बाहर निकली थी।
सड़क पर भरे पानी में बिजली का करंट उतरा हुआ था। जैसे ही आलिया ने उस पानी में कदम रखा, वह करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गई। परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना ने विद्युत सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय पार्षद शोएब डोंगरे ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके की विद्युत व्यवस्था की तुरंत जांच की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। पुलिस ने फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की कानूनी जांच शुरू कर दी है।
मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के 31 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। पुणे, यवतमाल और सतारा जैसे 6 जिलों में 'ऑरेंज अलर्ट' है, जबकि मुंबई और ठाणे समेत 25 जिलों में 'येलो अलर्ट' घोषित किया गया है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, लेकिन आलिया, विहान और असलम जैसे हादसों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि केवल चेतावनी काफी नहीं है; बुनियादी ढांचे की सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी तय करना समय की मांग है।