अकोला में भारी बारिश (सौजन्य-नवभारत)
Akola News: अकोला जिले में कई स्थानों पर बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जबकि कुछ गांवों में बादल फटने जैसी बारिश से घरों में पानी घुस गया। प्रशासन के अनुसार, अब तक जिले में 42 घरों को आंशिक नुकसान हुआ है। किसानों को भी भारी नुकसान हुआ है, जिसके मद्देनज़र प्रशासन ने तत्काल सर्वेक्षण के आदेश दिए हैं।
शहर के सिंधी कैंप रोड स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पास बने उड़ान पुल के समीप एक विद्युत पोल अचानक सड़क पर गिर गया। सौभाग्यवश, महावितरण ने पहले ही इस क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बंद कर दी थी, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद सड़क पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। महावितरण के कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर टूटे तार हटाए और ट्रैफिक पुलिस की मदद से यातायात बहाल किया।
शहर से सटे गुडधी गांव में डा. पंजाबराव देशमुख कृषि विश्वविद्यालय के नाले को बाढ़ आ गई, जिससे कई घरों में घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर गया। घरों का सारा सामान पानी में डूब गया। इसी तरह, बड़ी उमरी, गुडधी और न्यू तापडिया नगर में भी बाढ़ जैसी स्थिति बनी रही। स्थानीय नागरिकों ने प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। इस बीच काटेपूर्णा बांध के जलग्रहण क्षेत्र में भी तेज बारिश जारी है, जिससे बांध के जलस्तर में वृद्धि हुई है।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से गुरुवार से ही बांध के दो दरवाजे 60 सेंटीमीटर तक खोल दिए गए हैं। इससे नदी में 96.11 क्युमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। शुक्रवार को फिर बारिश हुई, जिसके चलते नदी किनारे बसे गांवों को सतर्कता बरतने और नदी क्षेत्र में न जाने की अपील की गई है। जिला प्रशासन के अनुसार, अकोला, मुर्तिजापुर, पलसो बडे, शेलू और लाखपुरी में अतिवृष्टि दर्ज की गई है।
मनपा के प्रभाग क्र।14 के शिवाजी नगर और तथागत नगर क्षेत्र मूसलधार बारिश से जलमग्न हो गए। राष्ट्रीय महामार्ग के उड़ान पुल पर पानी भरने से घंटों यातायात ठप रहा। पुल के पास के संकरे नाले से पानी सीधे घरों में घुस गया, जिससे कई परिवारों का सामान बर्बाद हो गया। बच्चों की किताबें, महिलाओं का घरेलू सामान और अन्य वस्तुएं पानी में डूब गईं। नागरिकों ने मनपा पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि नाले का संकुचन और पुल का घटिया निर्माण ही इस स्थिति के लिए जिम्मेदार है।
28 अगस्त 2025 को हुई तेज बारिश के कारण अकोला महानगरपालिका के प्रभाग क्रमांक 14 अंतर्गत शिवाजी नगर और तथागत नगर क्षेत्र जलमग्न हो गया। राष्ट्रीय महामार्ग पर स्थित उड़ानपुल पर भारी मात्रा में पानी जमा होने से घंटों तक यातायात ठप रहा। वहीं, पुल के पास स्थित संकीर्ण नाले से पानी सीधे नागरिकों के घरों में घुस गया, जिससे कई परिवारों का घरेलू सामान नष्ट हो गया।
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों में तीव्र नाराजगी देखी गई। लोगों ने महानगरपालिका पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि नाले का अचौड़ाईकरण और पुल का निम्न गुणवत्ता वाला निर्माण कार्य इस स्थिति के लिए जिम्मेदार है। इस बीच शिवसेना यूबीटी के उप जिला प्रमुख और अकोला कृषि उपज बाजार समिति के संचालक मुकेश मुरुमकार मौके पर पहुंचे।
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उन्होंने नागरिकों को आश्वासन देते हुए प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि नुकसानग्रस्तों को न्याय नहीं मिला तो शिवसेना की ओर से तीव्र आंदोलन किया जाएगा। श्री हनुमंत विद्यालय के पास स्थित नाले की सफाई न होने के कारण विद्यालय परिसर में भी पानी भर गया।
विद्यालय के मुख्याध्यापक दिनकर धामणकर ने बताया कि पिछले वर्ष भी नाले के गहरीकरण के लिए मनपा आयुक्त को निवेदन दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस वर्ष भी निवेदन देने की तैयारी है। राजस्व विभाग की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार की है।
इसमें शिवणी राजस्व मंडल के अधिकारी संजय तायडे, ग्राम राजस्व अधिकारी अमोल बाहकार, राजस्व सेवक विवेक देशमुख, उल्हास इंदोरे और मंगल वानखडे शामिल थे। उन्होंने नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी है। इस घटना ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिवणी क्षेत्र के नागरिक अब ठोस और त्वरित उपायों की अपेक्षा कर रहे हैं।