पीठ पर भाई को ले जाती महिला... अकोला GMC अस्पताल के वायरल Video ने खोली दावों की पोल! राजनीतिक राजिश के आरोप

GMC Hospital Akola News: अकोला के सरकारी अस्पताल का एक भावुक वीडियो वायरल होने के बाद महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं। वीडियो में महिला भाई को पीठ पर उठाए दिख रही है।
GMC Hospital Akola Viral Video
अकोला GMC अस्पताल में पीठ पर भाई को ले जाती महिला व विधायक रणधीर सावरकर (सोर्स: सोशल मीडिया)
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GMC Hospital Akola Viral Video: अकोला के सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय (GMC) से जुड़े जिला सर्वोपचार अस्पताल की एक दर्दनाक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिसने पूरे स्वास्थ्य तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। वीडियो में एक लाचार महिला अपने बीमार भाई को पीठ पर उठाकर ओपीडी की तरफ ले जाती दिख रही है। इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो ने सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के बीच के अंतर को उजागर कर दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री एक्शन में, जांच के लिए 5 सदस्यीय टीम गठित

घटना की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। जीएमसी प्रशासन ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति में डॉ. दिनेश नेताम, डॉ. प्रवीण सपकाल, डॉ. अभय बागुल, डॉ. गजेंद्र रघुवंशी तथा अधिकसेविका ग्रेसी मरियान को शामिल किया गया है। समिति को 24 घंटे के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार एक महिला अपने बीमार रिश्तेदार को उपचार के लिए अकोला के जिला अस्पताल लेकर पहुंची थी। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें महिला अपने भाई को पीठ पर उठाकर ले जाती दिखाई दे रही है। वीडियो के साथ यह दावा किया गया कि अस्पताल में स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं था, जिसके कारण महिला को यह कदम उठाना पड़ा। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे और पिछले दो दिनों से इस मुद्दे को लेकर विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने आंदोलन भी किया।

भाजपा विधायक ने राजनीतिक साजिश का लगाया आरोप

इस पूरे घटनाक्रम पर स्थानीय राजनीति भी गरमा गई है। भाजपा विधायक रणधीर सावरकर ने इस वीडियो के पीछे राजनीतिक मंशा होने की आशंका जताई है। विधायक रणधीर सावरकर ने कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई गई महिला विपक्ष के आंदोलन में भी शामिल थी। व्यवस्थाओं की कमियां उजागर करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन इस वीडियो के जरिए जमीनी हकीकत को तोड़-मरोड़कर अस्पताल को बदनाम करने की कोशिश ज्यादा दिखाई देती है। वीडियो में वास्तविकता कम और व्यवस्था को बदनाम करने का प्रयास अधिक दिखाई देता है। इस दौरान महापौर शारदा खेडकर भी उपस्थित थीं।

GMC प्रशासन ने दिया स्पष्टीकरण

GMC के डीन डॉ. संजय सोनूने ने बताया कि वायरल वीडियो के बाद जीएमसी प्रशासन ने सीसीटीवी फुटेज की जांच तथा संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों से पूछताछ की। जांच में पाया गया कि चिकित्सकों ने मरीज की स्थिति को देखते हुए स्वयं बाहर आकर उसकी जांच की थी। इसके बाद मरीज को आगे के उपचार के लिए संबंधित विभाग में भेजा गया। अस्पताल कर्मचारियों ने मरीज को व्हीलचेयर पर बैठाकर ओपीडी क्र. 104 तक पहुंचाया था। बाह्य रोगी विभाग में व्हीलचेयर और स्ट्रेचर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं।

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