

Pune Nasrapur Case Update: पुणे जिले के भोर तालुका के नसरापुर में साढ़े 3 साल की मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले की सुनवाई अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इस चर्चित मामले में विशेष लोक अभियोजक एडवोकेट अजय मिसर ने बताया कि अभियोजन पक्ष की ओर से अधिकांश गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है और जल्द ही अदालत में अंतिम बहस शुरू होगी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी भीमराव कांबले के खिलाफ फोरेंसिक और वैज्ञानिक सबूत बेहद मजबूत हैं। फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी से प्राप्त डीएनए रिपोर्ट और मेडिकल जांच के निष्कर्ष आरोपी की संलिप्तता साबित करने में अहम भूमिका निभाएंगे। पुलिस ने घटनास्थल से मिले नमूनों, कपड़ों और अन्य सामग्री की जांच रिपोर्ट अदालत में पेश की है।
नसरापुर मामले में सीसीटीवी फुटेज को सबसे महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य माना जा रहा है। अभियोजन पक्ष का दावा है कि फुटेज में आरोपी मासूम बच्ची को अपन साथ ले जाते हुए दिखाई दे रहा है। घटना के बाद आरोपी के वहां से भागने के दृश्य भी कैमरे में कैद हुए है। पुलिस ने इन फुटेज को अदालत में ऑन-रिकॉर्ड प्रस्तुत किया है।
अभियोजन पक्ष ने पुणे कोर्ट के सामने मामले से जुड़ी सील की गई चीजें और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी पेश किए। BNSS की धारा 183 के तहत दर्ज गवाह का बयान भी पेश किया गया। अदालत ने आरोप बदलने से जुड़ी अर्जी मंजूर कर ली और अभियोजन पक्ष के और सबूतों की सुनवाई के लिए मामले को स्थगित कर दिया। सुनवाई अभी तक आंशिक रूप से ही पूरी हुई है।
स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (SPP) अजय मिसार ने बताया कि गुरुवार को चार मुख्य गवाहों से पूछताछ की गई। सबूत नष्ट करने से संबंधित BNSS की धारा जोड़ने पर बहस पूरी हो गई है, और हमें उम्मीद है कि इस मामले पर गुरुवार को आदेश आएगा।
बता दें कि यह मामल मई महीने में सामने आया था। पीड़ित बच्ची अपने माता-पिता के साथ पुणे में रहती थी। उसके स्कूल में गर्मियों की छुट्टियां हो गई थीं, इसलिए वह नसरापुर में अपनी दादी के घर रहने चली गई थी। इसी दौरान 1 मई को आरोपी ने मासूम साथ यौन उत्पीड़न किया गया और उसकी हत्या कर दी गई।