Akola News: तेल्हारा शहर के वैकुंठधाम श्मशानभूमि में अत्यंत संवेदनशील और संतापजनक घटना सामने आई है. दहन विधि के बाद पूर्ण रूप से न जले मानवीय अवशेष खुले में पड़े रहते हैं, जिन पर भटके हुए कुत्तों का उपद्रव देखा गया है. इससे मृत व्यक्तियों के पार्थिव की अवहेलना हो रही है और नातेरिश्तेदारों को अस्थि संकलन से पूर्व ही विटंबना का सामना करना पड़ रहा है. नागरिकों का कहना है कि दहन प्रक्रिया पूर्ण न होने से अर्धजले अवशेष वहीं रह जाते हैं.
श्मशानभूमि में दहन स्थल पर सुरक्षा गेट या कुंपण न होने से भटके हुए पशु आसानी से अंदर प्रवेश कर अवशेषों को खींचकर ले जाते हैं. इस कारण धार्मिक भावनाएँ आहत हो रही हैं. लोहे के गेट लगाएं निर्माण कार्य समिति के सभापति विजयसिंह बलोदे ने कहा कि दहन स्थल के चारों ओर लोहे के गेट लगाने के प्रयास किए जाएंगे. नगराध्यक्षा और मुख्याधिकारी से चर्चा कर निधि उपलब्धता के अनुसार आवश्यक विकास कार्य प्राथमिकता से किए जाएंगे.
विजयसिंह बलोदे सभापति, निर्माण कार्य समिति न.प. तेल्हारा तात्कालिक उपाय करना आवश्यक तेल्हारा विकास मंच के अध्यक्ष रामभाऊ फाटकर ने कहा कि मृत्यु के बाद अंत्यविधि और उत्तरीय क्रिया का धार्मिक दृष्टि से महत्व है. अस्थि विसर्जन से पूर्व अवशेषों पर आवारा कुत्तों का उपद्रव गंभीर और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है. नगर परिषद प्रशासन ने इस पर तात्कालिक उपाय करना आवश्यक है. रामभाऊ फाटकर अध्यक्ष, तेल्हारा विकास मंच.