आषाढ़ी वारी: दानापुर पहुंची संत रुपलाल महाराज पालकी, श्रद्धालुओं ने किया भव्य स्वागत
Danapur Vitthal Palkhi Yatra: आषाढ़ी वारी के अवसर पर अंजनगांव सुर्जी से निकली संत रुपलाल महाराज पालकी का दानापुर में भव्य स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने विठ्ठल भक्तिभाव से पालकी का स्वागत किया।
Sant Rupalal Maharaj Palkhi (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Danapur Sant Rupalal Maharaj Palkhi: हर साल की तरह इस वर्ष भी आषाढ़ी वारी के अवसर पर पांडुरंग दर्शन हेतु निकली संत रुपलाल महाराज पालकी का रविवार, 28 जून की शाम को दानापुर नगरी में भव्य स्वागत किया गया। अंजनगांव सुर्जी स्थित श्री विठ्ठल मंदिर से निकली इस पालकी यात्रा में सैकड़ों वारकरी शामिल हुए। पूरे मार्ग में भक्तों ने ज्ञानोबा गाऊली तुकाराम, विठ्ठल विठ्ठल जय हरी विठ्ठल, जय जय पांडुरंग हरी के जयघोष किए।
पालकी का स्वागत और महाआरती
दानापुर पहुंचने पर विभिन्न स्थानों पर पालकी का उत्साहपूर्वक स्वागत किया गया। महाआरती के बाद महाप्रसाद का वितरण किया गया। पालकी संत रुपलाल महाराज चौक स्थित रुपलाल गहाराज मंदिर लाई गई, जहां हरिनाम गजर के बीच गहाआरती संपन्न हुई और प्रसाद वितरित किया गया। रात 8 से 10 बजे तक हरि कीर्तन हुआ और पालखी का मुक्काम वहीं रहा। सोमवार सुबह 6 बजे पालकी ने आगे की यात्रा के लिए प्रस्थान किया।
ग्रामीणों ने किया स्वागत
गांव की प्रसिद्ध राशाटेकडी से श्री हनुमान सांप्रदायिक भजन मंडल और ढोल भजन मंडल ने हरिनाम गजर के साथ पालकी का स्वागत किया। गाँव के मुख्य मार्ग से गाजेबाजे के साथ पालकी को लाया गया। सबसे पहले रथ में रखी महाराज की चरण पादुकाओं का पूजन किया गया। इसके बाद पालकी के साथ आए हभप नेमाडे महाराज और हभप दातीर गहाराज सहित सभी वारकरियों का स्वागत किया।
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भक्तों की श्रद्धा और प्रार्थना
पालकी का जगह जगह पूजन हुआ और वारकरियों के लिए गांव के दानदाताओं ने चायफराल का वितरण किया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पालकी पूजन और दर्शन कर पांडुरंग से अच्छी वर्षा और भरपूर फसल की प्रार्थना की।
