Akola News: भीषण गर्मी के बीच शहर में पानी की कमी का संकट पहले से ही बना हुआ है. अब नलों द्वारा उपलब्ध हो रहे पानी की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं. महान स्थित काटेपूर्णा परियोजना से शहर को मिलने वाला पानी फिल्टर होकर आता है, लेकिन जलकुंभों की लंबे समय से सफाई न होने के कारण नागरिकों के नलों में मिट्टी मिला हुआ और गंदला पानी पहुंच रहा है.
इस मुद्दे पर मनपा की बैठक में जनप्रतिनिधियों ने जल विभाग को कठघरे में खड़ा किया. जानकारी के अनुसार शहर के विभिन्न हिस्सों में बने जलकुंभों की हालत अत्यंत खराब है. वर्षों से इन टंकियों के तल में गाद जमा है. फिल्टर होकर आया स्वच्छ पानी इस गाद में मिलकर गंदा हो जाता है, जिससे नागरिकों को पीने योग्य पानी नहीं मिल रहा.
गर्मी के मौसम में शुद्ध पानी न मिलने से स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं. केशव नगर क्षेत्र में पार्षद विनोद मापारी ने स्वयं पहल करते हुए जलकुंभ की सफाई करवाई. सफाई के बाद वहां का पानी आपूर्ति सुधर गई और नागरिकों को स्वच्छ पानी मिलने लगा. इससे स्पष्ट हुआ कि गंदे पानी की मुख्य वजह जलकुंभों में जमा गाद और गंदगी है. नागरिकों ने मांग की है कि सभी जलकुंभों की तत्काल सफाई कर पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए.