Akola: 3 करोड़ के राजस्व वाला ठेका 1.40 करोड़ में देने की तैयारी? स्थायी समिति ने रोकी निविदा
Akola Municipal Daily Market Tender: अकोला मनपा बाजार वसूली में 3 करोड़ के राजस्व वाला ठेका कम दाम में देने की तैयारी पर स्थायी समिति ने रोक लगा दी है। अब पहले व्यापारियों का नया सर्वे किया जाएगा।
- Written By: केतकी मोडक
अण्णाभाऊ साठे चौक रेल्वे स्टेशन अकोला (सोर्स - सोशल मीडिय्)
Municipal Corporation Market Recovery Tender Rejected: दैनिक बाजार वसूली के लिए मनपा द्वारा जारी निविदाओं को स्थायी समिति ने कम दर का हवाला देकर अस्वीकार कर दिया और पहले लघु व्यवसायियों का सर्वेक्षण करने का निर्णय लिया है। लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी सर्वेक्षण की कोई कार्यवाही नहीं हुई है, जिसके चलते मनपा को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
मनपा क्षेत्र में सिटी कोतवाली से मदनलाल धिंग्रा चौक, अण्णाभाऊ साठे चौक (रेलवे स्टेशन), ओपन थिएटर चौक से फतेह चौक, नेहरू पार्क से संत तुकाराम चौक, कौलखेड चौक से जेल चौक, नेहरू पार्क से दुर्गा चौक, संपूर्ण डाबकी रोड, वाशिम बायपास चौक से लक्ज़री बस स्टैंड चौक तक बड़ी संख्या में लघु व्यवसायी सड़क किनारे अपना व्यवसाय करते हैं।
जनता सब्जी बाजार परिसर में भी छोटे व्यापारी दूकानें लगाते हैं। इनसे मनपा दैनिक शुल्क वसूलती है, जो पहले 10 रुपये था और अब 15 से 20 रुपये कर दिया गया है। कर्मचारियों की कमी के कारण मनपा यह काम ठेका पद्धति से करती है।
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पहले 2 करोड़ रु. की निविदा को नहींमिला प्रतिसाद
उल्लेखनीय है कि पहले 2 करोड़ रु. की निविदा जारी की गई थी, लेकिन प्रतिसाद नहीं मिला। बाद में राशि घटाकर डेढ़ करोड़ की निविदा निकाली गई, फिर भी प्रतिसाद नहीं मिला। अंततः 1 करोड़ 35 लाख की निविदा जारी की गई, जिस पर 1 करोड़ 40 लाख रु. की बोली प्राप्त हुई। स्थायी समिति की बैठक में चर्चा के दौरान यह निविदा अस्वीकार कर दी गई।
अकोला महानगरपालिका समिति का कहना था कि व्यवसायियों की संख्या अधिक है और शुल्क भी बढ़ाया गया है, ऐसे में इतनी कम दर की निविदा स्वीकार्य नहीं है। साथ ही पहले सर्वेक्षण कर उसके आधार पर नई निविदा जारी करने का प्रस्ताव पारित किया गया। लेकिन प्रस्ताव पारित होने के बाद भी एक माह से सर्वेक्षण नहीं हुआ है। जब तक सर्वेक्षण नहीं होगा, नई निविदा जारी नहीं की जा सकती। इस बीच मनपा के केवल आठ कर्मचारी वसूली कर रहे हैं, जिससे राजस्व का नुकसान हो रहा है।
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निविदा खारिज करने का कारण
- पूर्व में दैनिक बाजार वसूली की निविदा 95 लाख रु. की प्राप्त हुई थी। तब से 17 माह से मनपा कर्मचारी ही वसूली कर रहे हैं।
- इस दौरान यह स्पष्ट था कि दैनिक वसूली से मनपा को सालाना 3 से 3.50 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है।
- बावजूद इसके, जब 1 करोड़ 40 लाख रु. की निविदा प्राप्त हुई, तो उसे अस्वीकार कर दिया गया।
- अब सवाल उठ रहा है कि आखिर किस कारण से यह निविदा खारिज कर दी गई और मनपा को लगातार आर्थिक नुकसान क्यों झेलना पड़ रहा है।
