Akola के पारस बिजली केंद्र में बड़ा हादसा, दो ठेका मजदूर गंभीर रूप से झुलसे
Power Plant Accident: अकोला जिले के पारस औष्णिक बिजली केंद्र में कोल मिल बैक होने से 2 ठेका मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था और मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
- Written By: केतकी मोडक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स - सोशल मीडिया)
Akola Paras Power Plant Accident: अकोला जिले के बालापुर तहसील के अंतर्गत आने वाले पारस स्थित औष्णिक बिजली केंद्र (थर्मल पावर स्टेशन) में शनिवार की सुबह एक बड़ा और भयानक हादसा हो गया। इस गंभीर दुर्घटना में बिजली केंद्र के भीतर काम कर रहे दो ठेका मजदूर बुरी तरह झुलस गए हैं। इनमें से एक मजदूर की हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। इस हृदय विदारक घटना के बाद से ही पूरे पावर प्लांट परिसर और आसपास के क्षेत्र में खलबली मच गई है।
बेहोश हो गए थे दोनों मजदूर
प्राप्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पारस औष्णिक बिजली केंद्र में रोजाना की तरह कामकाज चल रहा था। इसी दौरान वहां स्थित कोल मिल अचानक बैक हो गई, जिसकी चपेट में आने से वहां कार्यरत मजदूर शेख याकुब शेख राऊफ (40, निवासी पारस) और कांचन डिगोले (40, निवासी उरल) गंभीर रूप से झुलस गए। हादसा इतना भीषण था कि दोनों मजदूर मौके पर ही दर्द के मारे बेहोश हो गए। वहां मौजूद अन्य सहकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत दोनों को वाहन की मदद से अकोला के आयकॉन अस्पताल पहुंचाया। फिलहाल दोनों घायल मजदूरों का इलाज आईसीयू में जारी है।
सुरक्षा उपकरण नहीं देने का आरोप
इस दर्दनाक हादसे के बाद श्रमिक संगठनों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ‘राष्ट्रीय मूलनिवासी बहुजन कर्मचारी संघ’ ने इस मामले को लेकर कलेक्टर वर्षा मीणा को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा है। इस ज्ञापन के माध्यम से हादसे की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है।
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संघ ने बिजली केंद्र प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि थर्मल पावर प्लांट जैसे खतरनाक स्थान पर काम करने के बावजूद मजदूरों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए थे। सुरक्षा साधनों की इसी कमी के कारण मजदूरों की जान पर इतना बड़ा संकट आया है। ज्ञापन में यह भी स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि इलाज के दौरान मजदूरों की जान को कोई भी नुकसान होता है, तो इसके लिए संबंधित बिजली केंद्र प्रशासन सीधे तौर पर जिम्मेदार होगा।
प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था पर खड़े हुए गंभीर सवाल
राष्ट्रीय मूलनिवासी बहुजन कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी कई बार पत्र लिखकर और मौखिक रूप से मजदूरों की सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की थी। लेकिन आरोप है कि बिजली केंद्र के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस जीवन-मरण से जुड़ी मांग पर कभी ध्यान नहीं दिया।
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सुरक्षा साधनों की इसी घोर लापरवाही और अनदेखी के कारण आज यह बड़ा हादसा हकीकत में तब्दील हो गया। इस दुर्घटना ने पारस औष्णिक बिजली केंद्र के भीतर दावों के विपरीत जमीनी स्तर पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है और उस पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। नागरिकों और श्रमिक संगठनों का कहना है कि भविष्य में ऐसी जानलेवा घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को अब कागजी दावों से बाहर निकलकर ठोस व कड़े कदम उठाने की सख्त आवश्यकता है।
