Akola Crime: तेल्हारा पुलिस स्टेशन क्षेत्र की एक गंभीर घटना में 12 वर्षीय सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली बालिका पर लगातार यौन अत्याचार करने वाले तीन आरोपियों की जमानत याचिका अकोट सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी है. यह आदेश अतिरिक्त जिला व सत्र न्यायाधीश आर.आर. पठारे ने 6 अप्रैल 2026 को सुनाया. तेल्हारा पुलिस स्टेशन में दर्ज इस प्रकरण में आरोपी मंगेश वानखड़े 47, प्रवीण वानखड़े 36 और गजानन भोम 68, सभी निवासी अडसुल फाटा, तेल्हारा, अकोला पर आरोप है कि उन्होंने बालिका पर बारबार यौन अत्याचार किया. पीड़िता आरोपी गजानन भोम को आबा कहकर संबोधित करती थी. तीनों आरोपी 25 दिसंबर 2025 से अकोला कारागृह में बंद हैं.
सरकारी वकील अजीत देशमुख ने अदालत में जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह अपराध अत्यंत गंभीर स्वरूप का है. पीड़िता मात्र 12 वर्ष की है और उसकी मां मानसिक रूप से बीमार तथा दृष्टिहीन है. इस परिस्थिति का फायदा उठाकर आरोपियों ने लगातार अत्याचार किया. यदि आरोपी जमानत पर छूटते हैं तो पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा को खतरा हो सकता है. एड.देशमुख ने यह भी कहा कि आरोपी और गवाह एक ही गांव के हैं, जिससे गवाहों पर दबाव डालने की संभावना है. पीड़िता ने स्कूल में आयोजित गुड टचबैड टच कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के सामने अत्याचार की बात बताई थी.
चिकित्सकीय जांच में भी यौन अत्याचार की पुष्टि हुई है. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने माना कि आरोप गंभीर हैं और सबूत पर्याप्त हैं. यदि आरोपी जमानत पर छूटते हैं तो समाज में गलत संदेश जाएगा और पीड़िता की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है. इसलिए न्यायालय ने तीनों आरोपियों की जमानत याचिका नामंजूर कर दी.